दरियागंज हिंसा मामला: कोर्ट में आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ड्यूटी के निर्वहन में बाधा बने हुए थे. पुलिस अधिकारियों ने पथराव किया और आपराधिक बल का इस्तेमाल किया है. पुलिस अधिकारियों को चोटें आईं हैं. किसी भी कारण से हिंसा उचित नहीं है. आरोप प्रकृति में बहुत गंभीर हैं. जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है.

दरियागंज हिंसा मामला: कोर्ट में आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
दरियागंज हिंसा में कई पुलिसकर्मियों को चोट आई थी. फाइल तस्वीर

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली के दरियागंज थाने में हिंसक प्रदर्शन कर आगजनी और तोड़फोड़ करने के आरोप में गिरफ्तार हुए लोगों को कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कपिल कुमार ने सभी 15 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की ओर से दो लोग घटनास्थल से गिरफ्तार हुए थे.

जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ड्यूटी के निर्वहन में बाधा बने हुए थे. पुलिस अधिकारियों ने पथराव किया और आपराधिक बल का इस्तेमाल किया है. पुलिस अधिकारियों को चोटें आईं हैं. किसी भी कारण से हिंसा उचित नहीं है. आरोप प्रकृति में बहुत गंभीर हैं. जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है.

उधर, जामा मस्जिद इलाके से गिरफ्तार किए 15 प्रदर्शनकारियों की जमानत अर्जी तीस हजारी कोर्ट ने खारिज की है. पुलिस का कहना था कि ये लोग पुलिस पर पत्थरबाजी, कार जलाने जैसी हरकतों में शामिल थे.

मालूम हो कि शुक्रवार को जामा मस्जिद क्षेत्र में जुमे की नमाज के लिए भीड़ इकट्ठा हुई. नमाज के बाद वे लोग जंतर-मंतर की तरफ मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे. शाम को प्रदर्शन के दौरान अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने बैरिकेड्स को तोड़ना शुरू कर दिया और पुलिस की सलाह के खिलाफ जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए जोर जबरदस्ती करने लगे. इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया और फिर डीसीपी दफ्तर के बाहर खड़ी एक कार में आग लगा दी गई.

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