नहीं दुरुस्त हो रही दिल्‍ली की हवा, आज भी 'बेहद खराब' हैं हालात

समूचे दिल्‍ली का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) मंगलवार को 397 रहा.

नहीं दुरुस्त हो रही दिल्‍ली की हवा, आज भी 'बेहद खराब' हैं हालात
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : दिल्ली में वायु प्रदूषण इन दिनों चरम पर है. राजधानी की हवा में प्रदूषण तत्‍व पीएम 10 और पीएम 2.5 की मात्रा बेहद खराब स्‍तर पर पहुंची हुई है. मंगलवार सुबह 6 बजे के करीब दिल्‍ली के लोधी रोड में पीएम 2.5 का स्‍तर 373 (बेहद खराब) रहा जबकि पीएम 10 का स्‍तर 286 (खराब) रहा. वहीं समूचे दिल्‍ली का एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) 397 रहा, जो कि बेहद खराब की श्रेणी में आता है.

वहीं दिल्ली के पूसा में मंगलवार सुबह पीएम 2.5 का स्‍तर 384 और पीएम 10 का स्‍तर 304 रहा. दिल्‍ली यूनिवर्सिटी का ओवरऑल एक्‍यूआई गंभीर श्रेणी में 453 रहा. यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 431 रहा और पीएम 10 का स्‍तर 453 रहा. इनके अलावा दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का ओवरऑल एक्‍यूआई 353 रहा. यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 351 और पीएम 10 का स्‍तर 353 रहा. वहीं चांदनी चौक में हवा की गुणवत्‍ता का स्‍तर 497 (गंभीर) रहा. यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 494 रहा और पीएम 10 का स्‍तर 269 रहा.

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वहीं दिल्‍ली से सटा नोएडा भी वायु प्रदूषण से जूझ रहा है. यहां का ओवरऑल एक्‍यूआई मंगलवार को 422 (गंभीर) रहा. यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 420 और पीएम 10 का स्तर 422 रहा. गुरुग्राम की हवा की गुणवत्‍ता भी बे‍हद खराब मापी गई. यहां का ओवीऑल एक्‍यूआई 366 रहा. गुरुग्राम में पीएम 2.5 का स्‍तर 366 और पीएम 10 का स्‍तर 269 रहा.

सुप्रीम कोर्ट ने द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने सोमवार को चेतावनी दी कि दिल्ली में यदि वायु गुणवत्ता का खराब होना जारी रहा तो वह गैर सीएनजी वाणिज्यिक एवं निजी वाहनों पर भी पूर्ण रोक लगा देगा. पर्यावरण संरक्षण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) अध्यक्ष भूरे लाल ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में कहा कि वाहन स्टीकर लागू नहीं किए गए हैं और इसके बिना डीजल और अन्य ईंधन वाले वाहनों के बीच अंतर करना संभव नहीं है.

लाल ने एक पत्र में कहा, ‘‘ऐसी परिस्थिति में जब मौसम प्रतिकूल बना हुआ है और वायु गुणवत्ता की वर्तमान स्थिति ‘‘बहुत खराब’’ और ‘‘गंभीर श्रेणी’’ में बनी हुई है तब सीएनजी पर चलने वाले वाहनों को छोड़कर निजी और वाणिज्यिक वाहनों के चलने पर पूर्ण रोक का निर्देश देने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि सीएनजी वाहनों के पास स्टीकर हैं और यह भी समझा जाता है कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहन सीएनजी चालित हैं. इस स्थिति में ये वाहन आवागमन के लिए उपलब्ध होंगे.’’ यह दूसरी बार है कि लाल ने वाहनों से प्रदूषण का मुद्दा उठाया है. उन्होंने 31 अक्टूबर को सभी निजी वाहनों पर रोक का प्रस्ताव किया था लेकिन इस बार उन्होंने सभी गैर सीएनजी वाणिज्यिक और निजी वाहनों पर रोक का प्रस्ताव किया है.