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दिल्ली पुस्तक मेले में धार्मिक किताबें और संबंधित स्टॉल हैं आकर्षण का केंद्र

दिल्ली पुस्तक मेले में धार्मिक किताबों से संबंधित 20 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं जहां पुस्तक प्रेमियों के लिए मोक्ष, मानसिक शांति वगैरह से जुड़ी ढेरों किताबें रखी हैं. वार्षिक पुस्तक मेले में मोक्ष से संबंधित किताबें, साईबाबा मोमबत्तियां, अगरबत्तियां और पूजा के सामान सब कुछ मौजूद हैं.  पुस्तक प्रेमियों में भागदौड़ की मौजूदा दुनिया में जिंदगी को सुधारने के तरीके बताने वाली किताबों की भी काफी मांग है. 

दिल्ली पुस्तक मेले में धार्मिक किताबें और संबंधित स्टॉल हैं आकर्षण का केंद्र
दिल्ली पुस्तक मेले का रविवार को आखिरी दिन है. (file)

नई दिल्ली: दिल्ली पुस्तक मेले में धार्मिक किताबों से संबंधित 20 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं जहां पुस्तक प्रेमियों के लिए मोक्ष, मानसिक शांति वगैरह से जुड़ी ढेरों किताबें रखी हैं. वार्षिक पुस्तक मेले में मोक्ष से संबंधित किताबें, साईबाबा मोमबत्तियां, अगरबत्तियां और पूजा के सामान सब कुछ मौजूद हैं.  पुस्तक प्रेमियों में भागदौड़ की मौजूदा दुनिया में जिंदगी को सुधारने के तरीके बताने वाली किताबों की भी काफी मांग है. 

धार्मिक स्टॉल पर पहुंच रहे हैं लोग
इस तरह के प्रमुख स्टॉल में गीता प्रेस, श्री श्री पब्लिकेशंस ट्रस्ट, द लाइफ एक्सटर्नल ट्रस्ट, ओशो दर्शन और कांत दर्शन पब्लिशर के स्टॉल शामिल हैं. मेले में इस तरह के स्टॉल में सहज योग का स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं जहां निर्मला देवी की एक तस्वीर लगी है जिन्होंने ध्यान की तकनीक की शुरूआत की थी. स्टॉल पर आध्यात्मक और ध्यान से संबंधित किताबें बेची जा रही है. आयोजक अरोड़ा ने कहा, ‘‘माताजी निर्मला देवी की तस्वीर की तरह चेहरा कर ध्यान लगाने से नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है.’’ इस स्टॉल के पास ही शिरडी साईबाबा ग्लोबल फाउंडेशन का काउंटर है जहां 80 से 3,350 रुपये की कीमत वर्ग में साईबाबा फोटो फ्रेम, मोमबत्तियां, लैंप, मग, कार हैंगिंग्स और दूसरे सामान बेचे जा रहे हैं.

दीप बत्ती, अगरबत्तियां जैसी चीजें भी बिक रही है
यहां श्री रमन विहारी गौदिया मठ का स्टॉल भी है जहां चंदन का पेस्ट, दीप बत्ती, अगरबत्तियां जैसी पूजा की चीजें बेची जा रही हैं. आयोजक पिताम्बर दास ने कहा, ‘‘हम पूजा की सभी चीजें बेच रहे हैं. इसके अलावा राधा, कृष्ण जैसे देवी देवताओं से संबंधित साहित्य भी है.’’ रविवार को पुस्तक मेला खत्म हो रहा है. इस बार 120 से अधिक प्रकाशकों ने हिस्सा लिया है और मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं.