एमपी से आते बाराती बनकर दिल्ली में करते चोरी, अब पहुंचे जेल

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव ने बताया कि सिविल लाइंस एरिया में एक शादी समारोह चल रहा था. दूल्हे की चाची के पास से एक बैग गायब हो गया. इसमें कैश, शगुन की रकम और ज्वेलरी रखी हुई थी.

एमपी से आते बाराती बनकर दिल्ली में करते चोरी, अब पहुंचे जेल
चोरों का गिरोह दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा.

नई दिल्ली: दिल्ली की शादी समारोह में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग का पर्दाफाश कर क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड समेत दोनों बदमाशों को धर दबोचा है. इनकी पहचान मध्य प्रदेश के रहने वाले कुलदीप सिसोदिया (24) और प्रशांत सिसोदिया (19) के तौर पर हुई है. हालांकि, प्रशांत गिरोह का सरगना है. दोनों के पास से दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं.

कोर्ट-पैंट में आते थे चोरी करने
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव ने बताया कि सिविल लाइंस एरिया में एक शादी समारोह चल रहा था. दूल्हे की चाची के पास से एक बैग गायब हो गया. इसमें कैश, शगुन की रकम और ज्वेलरी रखी हुई थी. वीडियो फुटेज देखने पर पता चला कि एक लड़का और एक लड़की ने वारदात को अंजाम दिया है. सिविल लाइंस थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई. 

पुलिस काफी मशक्कत के बाद भी चोरों तक नहीं पहुंच सकी. इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम रखा गया. क्राइम ब्रांच ने शादियों में होने वाले चोरी के बारे में विस्तार से जांच की, तो पता लगा कि इन चोरियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ और गूना के गैंग शामिल रहे हैं. 21 नवंबर को क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली कि शादियों में चोरी करने वाले एक गैंग का सरगना प्रशांत अपने साथी के साथ दिल्ली के शांति वन की लालबत्ती पर किसी से मिलने के लिए आने वाला है. एसीपी संदीप लांबा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने टीम बनाई. टीम ने सूचना के जरिए शांति वन की लालबत्ती के पास से अल्टो कार में प्रशांत और कुलदीप को दबोच लिया.

बच्चों के साथ एंट्री लेकर करते वारदात
पूछताछ में दोनों ने बताया कि शादियों में चोरी करने के लिए वे अपने गिरोह में कुछ बच्चों और अच्छे दिखने वाले युवाओं को शामिल करते रहे. बच्चों के साथ सूट-बूट के साथ शादी में जाने के बाद ज्वेलरी और पैसों के बैग चोरी करने के बाद वे बच्चों को बैग देकर उन्हें शादी से बाहर निकालते थे. बच्चों के साथ गैंग के अन्य बदमाश भी बाहर निकल जाते थे. इसके बाद वे दिल्ली में ठहरने के बजाय सीधे मध्य प्रदेश निकल जाते थे, जिससे वे पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे थे.

ये भी देखें-: