मनी लॉड्रिंग मामले में अदालत ने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे को भेजा नोटिस

विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मनी लॉड्रिंग मामले में विक्रमादित्य के खिलाफ 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर विचार किया.

मनी लॉड्रिंग मामले में अदालत ने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे को भेजा नोटिस
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य तथा अन्य को मनी लॉड्रिंग के एक मामले में 27 अगस्त को उसके सामने पेश होने के लिए सम्मन भेजा. विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मनी लॉड्रिंग मामले में विक्रमादित्य के खिलाफ 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर विचार किया. इस मामले में वीरभद्र सिंह भी शामिल हैं. विशेष लोक अभियोजकों नीतीश राणा और एन के मट्टा द्वारा दायर आरोपपत्र में तारानी इंफ्रास्टक्चर के प्रबंध निदेशक वाकमुल्ला चंद्रशेखर तथा राम प्रकाश भाटिया नाम का एक व्यक्ति भी नामजद है. 

पूर्व सीएम को भी बनाया आरोपी 
चंद्रशेखर और भाटिया सीबीआई के मामले में भी आरोपी हैं जिसमें वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और अन्य को भी आरोपी बनाया गया है. प्रवर्तन निदेशालय के आरोपपत्र में वीरभद्र सिंह (83) और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह (62) के अलावा यूनीवर्सल एप्पल एसोसिएट के मालिक चुन्नी लाल चौहान, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान तथा दो अन्य सह आरोपी प्रेम राज तथा लवन कुमार रोच को भी आरोपी बनाया गया है. ईडी द्वारा मनी लॉड्रिंग रोकथाम कानून की धाराओं के तहत नौ जुलाई 2016 को गिरफ्तार आनंद चौहान को इस मामले में दो जनवरी को जमानत मिली थी.

इस घटना से संबंधित सीबीआई के एक अन्य मामले में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और चौहान को अन्य के साथ आरोपपत्र में नामजद किया गया है. सीबीआई ने दावा किया था कि वीरभद्र ने करीब दस करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की जो केन्द्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उनकी कुल आय से अधिक थी.

(इनपुट भाषा से)