दिल्‍ली: नरेला में जूता बनाने की फैक्‍ट्री में सिलेंडर फटने की वजह से लगी भीषण आग

इसको मिलाकर एक महीने के भीतर दिल्‍ली में आग लगने की तीन बड़ी घटनाएं घटित हुई हैं.

दिल्‍ली: नरेला में जूता बनाने की फैक्‍ट्री में सिलेंडर फटने की वजह से लगी भीषण आग

नई दिल्‍ली: नरेला इंडस्ट्रिल एरिया में जूता बनाने की दो फैक्ट्रियों में भीषण आग लग गई. कहा जा रहा है कि सिलेंडर फटने की वजह से आग लगी. एक फैक्‍ट्री में आग की ऊंची लपटों को देखा गया वहीं दूसरी में दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं. फायर ब्रिगेड की 22 गाडि़यां मौके पर मौजूद हैं. आग के वक्‍त फैक्ट्रियों में कोई नहीं था. किसी के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. हालांकि आग बुझाने के क्रम में तीन दमकलकर्मी मामूली रूप से घायल भी हुए. कहा जा रहा है कि सुबह पांच बजे के करीब आग लगी. इसको मिलाकर एक महीने के भीतर दिल्‍ली में आग लगने की तीन बड़ी घटनाएं घटित हुई हैं. इससे 24 घंटे पहले किराड़ी इलाके मेें आग लगी थी.

किराड़ी में आग
इससे पहले सोमवार को दिल्ली के किराड़ी इलाके में आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई. ये आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कपड़े के गोदाम में लगी थी. किराड़ी के जिस मकान में आग लगी वह दो मंजिला था. जिसके नीचे के फ्लोर पर कपड़े का गोदाम था. गोदाम में शॉर्ट सर्किट की वजह से कपड़े ने आग पकड़ लिया. जिसके बाद आग भड़क गई. आग की लपटें फैलते हुए ऊपर के फ्लोर तक पहुंच गई. जिसकी वजह से लोगों को भागने का मौका भी नहीं मिला. घटना के समय मकान में 13 लोग मौजूद थे. जिसमें से 9 लोगों की मौत हो गई. 

जिस मकान में आग लगी उसके मालिक का नाम रामचंद्र झा है. दमकल विभाग को रविवार देर रात करीब 12:30 बजे खबर मिली कि  किराड़ी स्थित इंदर एन्क्लेव फेस -1 , डी ब्लॉक गली नंबर 4 मकान नंबर 206 में आग लग गई. जिसके बाद दमकल विभाग और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे व आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरु कर दीं. 

आग बुझाने में दमकल की कुल 7 गाड़ियां लगी हुई थीं. आग पर काबू पाने के दौरान कई लोगों को बाहर निकाल लिया गया. लेकिन उनमे से 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि 6 लोग अचेत थे. जिन्हें आस पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. बाद में इसमें से पांच लोगों की मौत हो गई.  हादसे के समय मकान में करीब 13 लोग मौजूद थे. जान गंवाने वालों में कई महिलाएं और मासूम बच्चे भी हैं. 

मरने वालों के नाम मकान मालिक रामचन्द्र झा, सुदरिया देवी, सन्दू झा, उदय चौधरी, मुस्कान , अंजली, आदर्श और तुलसी बताए जा रहे है. जान गंवाने वाले सभी लोग बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं. दिल्ली सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं.

बताया जा रहा है कि आग लगने की वजह से बिल्डिंग में गैस सिलेंडर में ब्लास्ट भी हुआ था. मरने वाले लोगों में मकान मालिक और किरायदार के परिवार वाले हैं. ये सभी लोग ऊपरी मंजिल पर अपने-अपने घरों में सो रहे थे. इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं थीं. इन्हें भागने का भी मौका नहीं मिला.

सात दिसंबर को भी हुआ था हादसा
इससे पहले 7 दिसंबर को दिल्ली के रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी में भीषण आग लगी. इस घटना में 43 लोगों की मौत हो गई थी. यहां भी आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट ही थी. वहां तीन मंजिला इमारत में सुबह 5-6 बजे के करीब भीषण आग लग गई थी, उस वक्त सभी लोग सो रहे थे और अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई थी.