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दिल्ली IVF मामला: फोन और लैपटॉप से खुलेगा रैकेट का राज, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

दिल्ली के करोल बाग स्थित आईवीएफ (IVF) कॉल सेंटर मामले में पुलिस (police) की तफ्तीश मौके से जब्त किए गए करीब 150 लॉक लैपटॉप और 13 मोबाइल फोन पर रुक गई है.

दिल्ली IVF मामला: फोन और लैपटॉप से खुलेगा रैकेट का राज, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
कॉल सेंटर (call center) ने आईवीएफ सेंटर (IVF center) के नाम से वेबसाइट (website) बना रखी थी

नई दिल्ली: दिल्ली के करोल बाग स्थित आईवीएफ (IVF) कॉल सेंटर मामले में पुलिस (police) की तफ्तीश मौके से जब्त किए गए करीब 150 लॉक लैपटॉप और 13 मोबाइल फोन पर रुक गई है. इन लैपटॉप व मोबाइल को एफएसएल (SFL) जांच के लिए साइबर लैब भेजा गया है. जहां लैपटॉप (laptop) में छिपी जानकारी या डाटा इकठ्ठा कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा. जबकि कॉल सेंटर (call center) से उस सिस्टम को भी जब्त किया है. जिसमें कॉल सेंटर कर्मी और महिलाओं की फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड है.

शुरुआती जांच में पता चला है कि लगभग 200 महिलाओं ने कॉल सेंटर (call center) के संपर्क में आकर बेटे को जन्म दिया है. इस तरह से मां बनने वाली महिलाओं से आने वाले दिनों में पूछताछ की जाएगी. कहा यह भी जा रहा है कि उन्हें इस केस (case) में बुक या फिर सरकारी गवाह बनाया जा सकता है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मानें तो कॉल सेंटर चलाने वाला आईआईटी (IIT) इंजीनियर विकास कामत (32) अभी गायब हैं. फिलहाल पहली कोशिश केस में सबूत जुटाने की है. उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ऐसे चल रहा था गोरखधंधा
मंगलवार शाम करोल बाग (Karol Bagh) एसडीएम हरीश त्यागी की शिकायत पर 3, 3(ए), 4, 6(सी), 18 एंड 22 पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994, 34 व 120बी आईपीसी की धाराओं के तहत करोल बाग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. जबकि छह-सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. जिनसे पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा रहा है. कॉल सेंटर (call center) कर्मियों की भूमिका को भी वैरिफाई किया जा रहा है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (Senior Police Officer) ने बताया कि कार्रवाई सिर्फ उन्हीं लोगों पर होगी जिन्हें इस रैकेट (racket) के बारे में पहले से जानकारी थी या फिर उन्हें किसी तरीके से कोई लाभ मिल रहा था. पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर कानून में तीन साल की जेल (jail) और दस हजार रुपए जुर्माने (fine) का प्रावधान है.

कॉल सेंटर (call center) ने आईवीएफ सेंटर (IVF center) के नाम से वेबसाइट (website) बना रखी थी. जिस पर अपना नंबर दे रखा था. कोई दंपति उस नंबर (number) पर संपर्क करता तो उन्हें बेटा पैदा होने की पूरी गारंटी (Guarantee) दी जाती थी. इसके लिए साढ़े 8 लाख रुपये का खर्च बताया जाता था. पैकेज (package) के तहत दस से पंद्रह दिन के लिए विदेश भेजने की जानकारी दी जाती थी. सीधे तौर पर कॉल सेंटर की आड़ में चल रहा यह काम एकदम अवैध था. क्योंकि एक्ट (act) बताता है कि बच्चे से संबंधित कोई भी जानकारी सिर्फ रजिस्ट्रर्ड सेंटर ही पूछ सकते हैं.

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रैकेट का मास्टरमाइंड विदेश में भी बैठा हो सकता है
पुलिस को यह भी पता चला है कि कॉल सेंटर (call center) पर काम करने वाले कर्मियों को क्लाइंट से कैसे बात करनी है. बाकायदा इस बारे में पूरा ट्रेंनिग दी जाती थी. कहा जा रहा है कि दो साल में कॉल सेंटर से बेटा पैदा करने की चाहत में छह लाख लोग संपर्क कर चुके थे. यह कॉल सेंटर टेस्ट ट्यूब बेबी (test tube baby) (आईवीएफ) के माध्यम से महिलाओं को बेटा पैदा करने की गारंटी देता था. स्वास्थ मंत्रालय को कीर्ति नगर आईवीएफ सेंटर (IVF center) से चल रहे इस गोरखधंधे के बारे में शिकायत (complaint) मिली थी. इसके बाद यह जानकारी डीएम, पुलिस (police) से लेकर कई एजेंसियों को साझा की गई.

इसके बाद एक दंपति को इस सेंटर (center) पर भेजकर शिकायत (complaint) को वैरिफाई किया गया. जहां उन्हें भरोसा दिया गया था कि साढ़े 8 लाख रुपये में बेटे की चाहत पूरी हो जाएगी. इस आईवीएफ सेंटर के तार सीधे करोलबाग में चल रहे एक कॉल सेंटर (call center) से जुड़े हुए थे. कई एजेंसियों ने सोमवार को कीर्ति नगर आईवीएफ सेंटर (IVF center) और करोलबाग (Karol Bagh) कॉल सेंटर में छापेमारी की थी. इस कॉल सेंटर में लगभग तीन सौ लोग काम कर रहे थे. कुछ कर्मियों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. जबकि अब उन्हें फिर से इंवेस्टीगेशन में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा जाएगा. वहीं, संभावना जताई जा रही है कि इस पूरे रैकेट (racket) का मास्टरमाइंड (mastermind) विदेश में भी बैठा हो सकता है.