अनाथ भाई-बहन को मिला पुलिस 'अंकल' का सहारा, फरिश्ता बनकर मदद करने आए ACP

अनाथ भाई-बहन को मिला पुलिस 'अंकल' का सहारा, फरिश्ता बनकर मदद करने आए ACP

दिल्ली के कल्याणपुरी सब डिवीज़न के एसीपी सुबोध गोस्वामी पिछले दो महीनों से तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे हैं. 

अनाथ भाई-बहन को मिला पुलिस 'अंकल' का सहारा, फरिश्ता बनकर मदद करने आए ACP

नई दिल्ली: यूं तो पुलिस (Police) का नाम सुनते ही हमारे मन में नकारात्मक विचार आने लगते हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में एक ऐसा अधिकारी भी है जो तीन बच्चों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं है. दिल्ली के कल्याणपुरी सब डिवीज़न के एसीपी सुबोध गोस्वामी पिछले दो महीनों से तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे हैं. 

दरअसल, तीन महीने पहले ACP सुबोध गोस्वामी की मुलाकात 12 साल के बच्चे अजय से हुई. बातचीत से पता चला कि अजय अनाथ है कुछ दिन पहले ही उनके माता-पिता का देहांत हो गया. जिसके बाद से अजय और उसका भाई विजय काम के लिए भटक रहे हैं. जरूरत के मुताबिक खाना नहीं मिलने के चलते कुपोषण का शिकार हो रहे हैं. बहन ने नौंवी के बाद पढ़ाई छोड़ दी है.

इन बातों का पता चलते ही एसीपी साहब ने उसे खर्च के लिए ना केवल पैसे दिए. बल्कि समय-समय पर आर्थिक रूप से मदद भी करते है. उन्होंने दोनों भाइयों अजय और विजय को इंग्लिश स्पीकिंग के कोर्स में दाखिला दिलवाया. अब तो अजय और विजय फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलना शरू कर दिया है. 

पुलिस अंकल ने दिवाली के दिन उसके घर जाकर तीनों बच्चों को कपड़ें और मिठाईयां दीं. ताकि इन बच्चों के चेहरे पर खुशियां लौट सकें. अजय की बहन की फिर से पढ़ाई हो सके इसके लिए स्कूल में बात भी कर रखी है. ताकि जैसे ही स्कूल का सेशन शरू हो तो उसका एडमिशन हो जाए. इतना ही नहीं पढ़ाई के साथ साथ उसे छोटा मोटा काम दिलवाने की कोशिश भी की जा रही है ताकि वो आत्मनिर्भर बन सके. अब तो फिल्मी डायलॉग के अंदाज में ये बच्चे बोलते हैं- ''पुलिस अंकल हैं ना''.

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