ग्रीन कॉरिडोर की वजह से 16 साल के एक युवक को मिली नई जिंदगी

पुलिस ने हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए लेकर जा रहे दिल को जल्द से जल्द पीड़ित तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। जिससे 16 साल के एक युवक को नई जिंदगी मिली। दिल्ली और गुड़गांव पुलिस के प्रयासों से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस ग्रीन कॉरिडोर से एमबुलेंस ने 32 किलोमीटर का सफर सिर्फ 29 मिनट में पूरा कर लिया। यह ग्रीन कॉरिडोर गुड़गांव सेक्टर-44 से लेकर दक्षिण दिल्ली के ओखला तक का बनाया था।

ग्रीन कॉरिडोर की वजह से 16 साल के एक युवक को मिली नई जिंदगी

गुड़गांव: पुलिस ने हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए लेकर जा रहे दिल को जल्द से जल्द पीड़ित तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। जिससे 16 साल के एक युवक को नई जिंदगी मिली। दिल्ली और गुड़गांव पुलिस के प्रयासों से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस ग्रीन कॉरिडोर से एमबुलेंस ने 32 किलोमीटर का सफर सिर्फ 29 मिनट में पूरा कर लिया। यह ग्रीन कॉरिडोर गुड़गांव सेक्टर-44 से लेकर दक्षिण दिल्ली के ओखला तक का बनाया था।

गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में शनिवार सुबह करीब 8.48 बजे एक 30 वर्षीय इंजिनियर की मौत हो गई थी। इसके बाद उस इंजीनियर के परिजनों ने उसके हार्ट को डोनेट करने की अनुमति दी। अनुमति मिलते ही अस्पताल ने इस बात की जानकारी गुड़गांव पुलिस को दी और जल्द से जल्द हार्ट को दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में पहुंचाने को कहा। जहां एक 16 वर्षीय युवक अपनी मौत से लड़ रहा था।

गुड़गांव पुलिस ने सूचना मिलते ही एमबुलेंस के लिए रास्ता साफ कराने को लेकर 23 जवानों को भी तैनात कर दिया। एमबुलेंस को जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस से कहकर ग्रीन कॉरिडोर को बना दिया गया। इससे पहले बेंगलुरू और चेन्नई पुलिस ने भी हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीम कॉरिडोर बना चुके हैं।