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कैश डिपॉजिट मशीन पर मदद के बहाने लूट लेते थे रकम, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, एक आदमी ने दिल्ली के निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में शिकायत दी कि वो भोगल इलाके में पंजाब नेशनल बैंक में कैश डिपॉजिट मशीन में 45000 रुपए जमा करने गया था.

कैश डिपॉजिट मशीन पर मदद के बहाने लूट लेते थे रकम, पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस पूछताछ में जितेंद्र और बच्चा ने बताया कि ये दोनों बिहार के रहने वाले हैं. पहले पश्चिम बंगाल में मजदूरी करते थे.

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में पुलिस ने एक ऐसे गैंग को गिरफ्तार किया है, जो स्कूल से फेल होने के बाद हाईटेक चीटर बन गए. अपने हाईटेक तरीक़े से लोगों की आंखों के सामने से लाखों का चूना लगा देते थे. ये ठग बैंक में कैश डिपॉजिट मशीन पर लोगों को मदद करने के बहाने गड़बड़ी कर लोगों की कमाई पर हाथ साफ कर देते थे. दिल्ली पुलिस ने ट्रैप लगाकर इन्हें अरेस्ट किया है. इनका एक साथी अब भी पुलिस के गिरफ्त से फरार है.

पुलिस के अनुसार, एक आदमी ने दिल्ली के निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में शिकायत दी कि वो भोगल इलाके में पंजाब नेशनल बैंक में कैश डिपॉजिट मशीन में 45000 रुपए जमा करने गया था. वहां दो लोगों ने उसकी कैश जमा करने में मदद की लेकिन बाद मे उसे पता लगा कि जो पैसा उसने मशीन में डाला था वो बैंक में जमा ही नहीं हुआ. पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में पता चला कि जितेंद्र और बच्चा नाम के दो ठग इस धंधे में लिप्त हैं.

पुलिस पूछताछ में जितेंद्र और बच्चा ने बताया कि ये दोनों बिहार के रहने वाले हैं. पहले पश्चिम बंगाल में मजदूरी करते थे और फिर एक बाबू नाम का शख्स इन्हें मिला, जो इन्हें दिल्ली ले आया. जल्द पैसा कमाने के लिए वो लोग इस धंधे में उतार गए. उन्होंने बताया कि जब भी कोई कस्टमर कैश डिपॉजिट मशीन में पैसे जमा करने आता तो ये दोनों उस शख्स के पास जाते और उसकी मदद करने के बहाने उससे कहते मशीन में पैसे डालो. इसके बाद पैसे डालने के समय ये धीरे से ऐड ऑन का बटन दबा देते और पीड़ित को कहते उसके पैसे जमा हो गए है.

पीड़ित के जाते ही ये लोग मशीन में कैंसल का बटन दबाते, ट्रांजेक्शन रुक जाती और ये मशीन से पैसा निकाल कर फरार हो जाते थे. इसके बाद वे अगले 15 से 20 दिन उस बैंक में नहीं जाते थे. फिर दूसरे इलाके में जाकर दूसरे बैंक को टार्गेट करते थे. पुलिस का कहना है कि दोनों स्‍कूल ड्रॉप आउट हैं. पुलिस पूछताछ ने बताया कि बाबू, जितेंद्र और बच्चा तीनों किराए के कमरे में रहते हैं. बाबू इन्हें काम करना सिखाता था, इनकी डील होती थी कि अगर 4 बजे तक ये लौट कर न आए तो तीसरा शख्स जो घर पर हैं वो समझ जाए कि पकड़े गए हैं. फिलहाल पुलिस मास्टर माइंड बाबू की तलाश कर रही है.