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महिला को गोली मारने वाले बदमाशों का दिल्ली पुलिस ने 40 किमी तक CCTV से किया पीछा

पुलिस ने वारदात वाली जगह से इंटरनेट का डंप डेटा, सीडीआर समेत आसपास के सीसीटीवी की फुटेज खंगाले, जिसमें एक बाइक पर दो लड़के जाते हुए दिख रहे थे. 

महिला को गोली मारने वाले बदमाशों का दिल्ली पुलिस ने 40 किमी तक CCTV से किया पीछा
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो दोनों कॉन्ट्रैक्ट किलर है.

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका इलाके में 11 जुलाई को एक महिला को सुबह उस वक़्त गोली मार दी गई, जब वो अपने बच्चे को स्कूल छोड़कर अपनी कार से जा रही थी. बाइक सवार दो लड़कों ने महिला की गाड़ी का पीछा किया और गोली मार दी थी. महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में जुटी पुलिस का शक सबसे पहले महिला के पति पर गया जिसके साथ उसका विवाद चल रहा था. लेकिन उससे पूछताछ करने के बाद भी जब पुलिस को कोई सुराग नही मिला तो पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए आठ टीमें बना दी. 

वारदात वाली जगह से इंटरनेट का डंप डेटा, सीडीआर समेत आसपास के सीसीटीवी की फुटेज खंगाले, जिसमें एक बाइक पर दो लड़के जाते हुए दिख रहे थे. पुलिस ने जब उस बाइक का पीछा सीसीटीवी के जरिये किया तो पाया कि पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इन्होंने कुछ दूर जाकर अपने कपड़े बदल लिए थे और आगे बाइक भी बदल ली थी. आखिरकार क़रीब 40 किलोमीटर तक 300 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों लड़के फतेहपुर इलाके के रहने वाले है. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो दोनों कॉन्ट्रैक्ट किलर है. 

 

 

उन्होंने महिला को मारने की सुपारी पांच लाख में ली थी और सुपारी देने वाला चंद्र प्रकाश उर्फ चिंटू नाम का शख्स था जो अपने परिवार की बर्बादी के लिए उस महिला को जिम्मेदार ठहराता था. पुलिस ने नजफगढ़ के धरमपुरा के रहने वाले चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार कर लिया. चंद्रप्रकाश ने पुलिस को बताया कि इस महिला के संबंध उसके चाचा से थे, जिसको लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था. इसी वजह से दिसंबर 2018 में उसके चाचा ने आत्महत्या कर ली थी. उसी का बदला लेने के लिए चंद्रप्रकाश ने गिरिराज और पिंकू को 5 लाख की सुपारी दी थी. पुलिस ने इनके साथी गुलाब सिंह और नरेंद्र को भी हथियार और बाइक का बंदोबस्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

पुलिस के जॉइंट कमिश्नर मधुप तिवारी ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि हत्या की कोशिश करने को सुलझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आरोपियों ने पुलिस से बचने की पूरी कोशिश की थी, जिन कपड़ों और बाइक के आधार पर हम आरोपियों का पीछा सीसीटीवी के जरिये कर रहे थे, उन्होंने पुलिस से बचने के लिए कपड़े और बाइक बदल दी थी. एक जगह वो मोबाइल फोन को कान से लगाकर बात करते हुए दिख रहे थे. जब वहां का डेटा और टावर आईडी निकली गई तो पता चला कि वो बंद मोबाइल को कॉल लगाकर बात करने की एक्टिंग कर रहे थे.' घायल महिला अभी भी अस्पताल में वेंटिलेटर पर है. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गलत रास्ते पर चलने से आखिरी मंज़िल भी गलत ही होती है.