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महिला IAS से एकतरफा प्यार करता था CISF कमांडेंट, उसकी ही साजिश ने कराया गिरफ्तार

कभी ट्रेनिंग (Training) के वक्त राजस्थान (Rajasthan) में कार्यरत एक लेडी IAS के साथ रंजन प्रताप की मुलाकात हुई थी. उसके बाद अंदर ही अंदर वह उस महिला अधिकारी से एकतरफा प्यार (One-sided love) करने लगा.

महिला IAS से एकतरफा प्यार करता था CISF कमांडेंट, उसकी ही साजिश ने कराया गिरफ्तार
रंजन प्रताप को इस मामले में उसका मित्र नीरज चौहान मदद कर रहा था

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की लोधी रोड थाने ने विदेश मंत्रालय (foreign ministry) में फिलहाल कार्यरत और CISF मूल कैडर के कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह सहित एक अन्य आरोपी नीरज चौहान को गिरफ्तार (arrest) किया है. रंजन प्रताप सिंह पर आरोप है कि वह सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक निकेतन वाले दफ़्तर में सीनियर कंसल्टेंट अमित सावंत को ड्रग्स की तस्करी (Smuggling of drugs) के आरोप में फंसाने की कोशिश में जुटा हुआ था.

विशेष सूत्रों के मुताबिक कभी ट्रेनिंग (Training) के वक्त राजस्थान (Rajasthan) में कार्यरत एक लेडी IAS के साथ रंजन प्रताप की मुलाकात हुई थी. उसके बाद अंदर ही अंदर वह उस महिला अधिकारी से एकतरफा प्यार (One-sided love) करने लगा. लेकिन इसकी जानकारी से वह महिला आईएएस अधिकारी (Female IAS Officer) बेखबर थी. लेकिन पता नहीं ऐसा क्या मामला था जिसके चलते रंजन प्रताप उस महिला आईएएस (Female IAS) और उसके पति से बदला लेना चाहता था. इस मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है.

कैसे हुआ आरोपी गिरफ्तार?
09 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और CISF को एक अनजान मोबाइल नंबर (Mobile Number) से आई कॉल (call) से इस बात की जानकारी मिली थी कि एक कार जो इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में खड़ी है. उस कार में कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया गया है. जब इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में CISF की टीम द्वारा उस कार की जांच की गई तो उसमें चरस (Hashish) की करीब 500 ग्राम कई पैकेट मिले. उसके बाद इस मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को दी गई. दिल्ली पुलिस की टीम ने जब इस मामले की तफ़्तीश की तो पता चला कि जिस मोबाइल (Mobile) से कॉल किया गया था वह मेहरौली (Mehrauli) का रहने वाला है. लेकिन वह काफी लो-प्रोफाइल (Low profile) वाला शख्स है. उसने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को बताया कि दो आदमी आए थे उन्होंने उससे मोबाइल मांगकर कॉल किया था.

देखें लाइव टीवी

जब उस शख्स की पड़ताल शुरू हुई तो कई CCTV चेक किया गया. उसी CCTV को जब गौर से देखा गया तो दो लोग एक पर्दे लगी कार में दिखाई दिए. जिसके ग्लास पर विदेश मंत्रालय (foreign ministry) का स्टीकर भी लगा हुआ था. उसी के आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हुई है. इस मामले को मुख्य आरोपी रंजन प्रताप सिंह ने अंजाम दिया था. हालांकि रंजन प्रताप को इस मामले में उसका मित्र नीरज चौहान मदद कर रहा था. इसलिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने रंजन प्रताप के साथ-साथ नीरज चौहान को भी गिरफ्तार किया है. जो पेशे से वकील है.

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की टीम ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को साकेत कोर्ट में पेश किया. जहां से पुलिस रिमांड (Police remand) में लेकर पूछताछ में जुटी हुई है. जल्द ही इस मामले में कई और राज का खुलासा हो सकता है.