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दिल्ली-NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए 300 टीमें बनीं; कैबिनेट सेक्रेटरी रोज लेंगे हालात का जायजा

आज का दिल्ली और एनसीआर की सड़कों पर निकलने में लोगों को डर लग रहा है. दहशत ऐसी है कि लोग अपने घर की खिड़कियां दरवाजे तक नहीं खोलना चाहते. 

दिल्ली-NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए 300 टीमें बनीं; कैबिनेट सेक्रेटरी रोज लेंगे हालात का जायजा
दिल्ली में एनसीआर में प्रदूषण के आपातकाल ने लोगों को घर में कैद रहने और जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर कर दिया है.

नई दिल्ली: आज का दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) की सड़कों पर निकलने में लोगों को डर लग रहा है. दहशत ऐसी है कि लोग अपने घर की खिड़कियां दरवाजे तक नहीं खोलना चाहते. दिल्ली में एनसीआर में प्रदूषण के आपातकाल ने लोगों को घर में कैद रहने और जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर कर दिया है. दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने सारे रिक़ॉर्ड तोड़ दिए हैं. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में AQI 600 के पार पहुंच गया है. प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और कैबिनेट सेक्रेटरी ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने आज प्रदूषण के हालात पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की. इन राज्यों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. कैबिनेट सेक्रेटरी भी प्रदूषण के हालात पर लगातार नजर रखेंगे. साथ ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिवों को हर रोज अपने-अपने राज्यों के जिलों में प्रदूषण के हालात पर लगातार मॉनिटर करने के लिए भी कहा गया है.

दिल्ली NCR के लोग अब प्रदूषण से बचने के उपाय तलाश रहे हैं. कुछ लोगों कुछ दिनों के लिए दिल्ली से दूर जाने का प्लान तैयार कर चुके हैं लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि प्रदूषण का असर विमान सेवाओं पर भी पड़ा. विजिबिलिटी बेहद कम है. सड़कों पर भी संभल कर चलने की जरूरत है. प्रदूषण का ये कहर सिर्फ दिल्ली तक ही नहीं बल्कि यूपी के लखनऊ तक फैला है. 

दिल्ली वालों की रविवार की छुट्टी प्रदूषण के दहशत में बीती. छुट्टी की वजह से सड़कों पर लोग नहीं थे लेकिन सबसे बड़ी समस्या विजिबिलिटी की थी. दिल्ली में गाड़ी चलाने वालों को कई जगहों पर 100 मीटर तक विजिबिलिटी से सामना करना पड़ा. दिल्ली प्रदूषण की वजह से धुंध की चादर में छिप गया था और सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली के हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले विमानों को हुई. ठंड के मौसम की तरह विमानों को रनवे पर उतरने के लिए विजिबिलिटी काफी नहीं थी. कई विमानों को जयपुर, लखनऊ और अमृतसर की तरफ डायवर्ट करना पड़ा.

सफर के मुताबिक इस वक्त दिल्ली में प्रदूषण का लेवल ओवर ऑल AQI PM2.5 - 625 है जो कि कल से भी ज्यादा सीवियर कैटेगरी में है. वहीं नोएडा में AQI PM2.5 - 667 है. गाजियाबाद में AQI लेवल PM2.5 - 707 जबकि गुरुग्राम का एयर क्वालिटी इंडेक्श AQI PM2.5 - 737 दर्ज किया गया है. 

दिल्ली के करीब नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर दिल्ली से भी ज्यादा है. नोएडा में भी दिल्ली की तरह ही धुंध छाई हुई है. दिल्ली की भीड़-भाड़ से बचने के लिए लाखों लोगों ने नोएडा में घर खरीदा था. लोगों को उम्मीद थी कि दिल्ली से बाहर रहकर उन्हें स्वच्छ हवा भी मिलेगी लेकिन प्रदूषण के मामले में नोएडा दिल्ली से कम नहीं है. प्रदूषण से बचने के लिए बिजली जाने पर जेनरेटन नहीं चलाने की नसीहत दी गई है. नोएडा के लोगों की परेशानी इसकी वजह से भी बढ़ गई है.

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वायु प्रदूषण हमारे शरीर पर गंभीर असर डालते हैं, प्रदूषण को लेकर लापरवाही के गंभीर अंजाम हो सकते हैं. समझ लीजिए प्रदूषण जितना बढ़ रहा है ज़िदगी उतनी घटती जा रही है. अब सवाल है कि आखिर क्या किया जाए. क्या मास्क लगाने से हम पूरी तरह से सुरक्षित हैं. हवा के कण कण में जहर घुल चुका है इसलिए प्रदूषण से बचना बेहद मुश्किल है. सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों को है. बच्चों पर प्रदूषण का सबसे खराब असर देखा जा रहा है. प्रदूषण का असर अब दिल्ली एनसीआर से बढ़कर लखनऊ तक पहुंच चुका है. प्रदूषण को रोकने के लिए कई उपाय़ों पर चर्चा हो रही है लेकिन ऐसी कोई तकनीक जिससे इस मुसीबत से फौरन राहत मिल सकती है.