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ईद पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नहीं कटे चालान, पुलिस से कहा- मुझे हेलमेट कुबूल है

पुलिस इंस्पेक्टर कौशल पाण्डेय जो इस अभियान को चला रही थीं उनका कहना है कि, आज त्योहार का मौक़ा है तो लोगों को जागरूक करने का ये भी एक तरीक़ा है.

ईद पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नहीं कटे चालान, पुलिस से कहा- मुझे हेलमेट कुबूल है

नई दिल्ली: ईद के त्योहार पर दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ट्रैफिक नियमों का उल्लहंगन कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों को चालान काटने की बजाय तोहफे दे रही है. ईद पर चलाई जा रही इस खास मुहीम में सख्ती से नहीं बल्कि प्यार से लोगों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरुक कर रहे हैं. सड़कों पर लोग नए नए कपड़े पहने सजे धजे लोग ईद का जश्न मनाने निकले चुके हैं. कुछ पैदल तो कुछ गाडियों पर. लेकिन शायद जश्न के माहोल में लोग अपनी सुरक्षा को ताक पर रख देते हैं. कई बार त्योहारों पर बडें हादसों की खबरें सामने आती हैं. लेकिन इस बार दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इनकी सुरक्षा का पूरा इंतेजाम कर दिया है.

जिस से न सिर्फ नुस्लिम भाई बहनों को सड़क हादसों से बचाया जा रहा है बल्कि उनको इस खास त्योहार पर खास तोहफा भी दिया जा रहा है. आम तौर पर ट्रेफिक नियमों का उल्लघन करने वाले लोगों का चालान काटा जाता है. उन पर पैन्लटी पड़ती है. कोशिश ये ही होती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सड़क दुर्धटना से बचाया जा सके.

लेकिन त्योहार के दिन किसी का उत्साह कम न हो इसके लिए खास तौर पर ये अभियान चलाया गया. तकि लोग उत्साह के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को ताक पर न रखें. और इस तोहफे के साथ हर बार जब सड़क पर निकलें तो खुद की और दूसरों की तरफ अपनी जिम्मेदारी को याद रखें.

पुलिस इंस्पेक्टर कौशल पाण्डेय जो इस अभियान को चला रही थीं उनका कहना है किआज त्योहार का मौक़ा है तो लोगों को जागरूक करने का ये भी एक तरीक़ा है. जब भी कभी किसी को तोहफ़ा मिलता है तो  उसे हमेशा याद रहता है.इस पहल से ना सिर्फ़ हम एक शख़्स को जागरूक कर रहे हैं बल्कि उसके परिवार को भी जागरूक कर रहे हैं. वो जब घर जाएगा सबको बताएगाकी आज उसे तोहफ़ा मिला है तो और लोग भी जागरूक होंगे.

ईद के जश्न में ट्रैफिक नियमों का उल्लघन कर रहे 
लोगों ने बताया की वो ईद की तैयारी में निकले हैं. ये ग़लत है की हमने हेल्मेट नही पहना. इस से उनकी ही जान को खतरा है. ट्रैफिक पुलिस की इस पहल ने उनकी सोच को बदला है. (सभी ने ये बोला सुरक्षा अनदेखी मेरी भूल है, मुझे हेल्मेट क़बूल है.) ट्रेफ़िक पुलिस के हेड कांस्टेबल, संदीप शाही इस तरह के अभियान समय- समय  पर चलाते रहते हैं.

उनका मानना है कि जब तक इंसान को खुद से ये अहसास नहींं होता कि उनकी इस लापरवाही से न सिर्फ उनकी जान को खतरा है बल्कि सड़क पर चल रहे और लोगों को भी खतरा है. हमारे तरह के अभियान चलाते हैं जिस से लोग डर से नहीं बल्कि जिम्मेदारी से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें.