पुलिस पड़ताल में हुए चौंकाने वाले खुलासे, स्कूल वैन वालों को बेचता था चोरी की गाड़ियां

चोरी की दर्जनों गाड़ियां दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि आस-पास के कई राज्यो में ऑरिजिनल पेपर और नम्बर प्लेट से बदल कर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे. पिछले एक हफ्ते में 12 गाड़ियां चोरी की थी,  जिसमें 7 गाड़ियों को काट चुके थे.

पुलिस पड़ताल में हुए चौंकाने वाले खुलासे, स्कूल वैन वालों को बेचता था चोरी की गाड़ियां

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रसाद नगर थाने ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा गया है, जो इक्को कार चोरी करके ऑन डिमांड ऐसे लोगों से बेचता था, जो स्कूल वैन चलाते थे. चोरी की दर्जनों गाड़ियां दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि आस-पास के कई राज्यो में ऑरिजिनल पेपर और नम्बर प्लेट से बदल कर धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे. पिछले एक हफ्ते में 12 गाड़ियां चोरी की थी,  जिसमें 7 गाड़ियों को काट चुके थे. वहीं इनके पास से 5 कार और एक बाइक समेत चोरी करने का सामान भी बरामद हुआ है.

पुलिस के हत्थे चढ़े इन शातिर चोरों की पहचान राय सिंह और सौरव नाम के ये शातिर चोर सिर्फ इको कार को ही ऑन डिमांड चोरी करके विश्राम के रिसीवर को देता था. राय सिंह ने पुलिस को बताया की इसने चोरी की 7 गाड़िया विश्राम को दी थी. इसका कहना है कि चोरी करने के बाद ये पुरानी गाड़ियों के ऑरिजिनल नम्बर प्लेट बनवाकर रिप्लेस करने के बाद आसानी से बेच देता था.

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये गिरोह चोरी की गाड़ियों की नम्बर प्लेट बदलकर धड़ल्ले से एनसीआर और आस पास के राज्यों को स्कूल कैब के लिए इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस इन चोरों को उस वक्त पकड़ा जब ये इलाके में कार चोरी कर रहे थे. पूछताछ में पता चला है कि ये लोग 3 दर्जन से ज्यादा गाडियां को ठिकाने लगा चुके हैं. जो अलग- अलग स्कूलों में स्कूल वैन के रूप में चल रहे थे. इसमें से पांच वाहन को पुलिस बरामद कर चुकी है. इतना ही नहीं विश्राम ने अपने रिश्तेदारों को भी चोरी की गाड़ियां बेची हैं, जो पुलिस के गिरफ्त में है. 

इनका कहना है कि, इन्हें ये कहकर बेचा गया कि गाड़ियां बैंक की है, जिसका नम्बर प्लेट वह इस्तेमाल नहीं कर सकते इसलिए पुरानी गाड़ी का नम्बर प्लेट लगाकर दिया जा रहा है. फिलहाल पुलिस इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है.

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