दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, NCRB क्या अपराध से जुड़े केवल आंकड़े जुटाता है?

 दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से पूछा कि क्या वह अपराध से जुड़े केवल आंकड़े एकत्र करता है और अपराध के बारे में विवरण नहीं रखता. 

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा, NCRB क्या अपराध से जुड़े केवल आंकड़े जुटाता है?
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगले साल 8 जनवरी की तारीख नियत की है.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से पूछा कि क्या वह अपराध से जुड़े केवल आंकड़े एकत्र करता है और अपराध के बारे में विवरण नहीं रखता. न्यायमूर्ति विभु बखरू ने एनसीआरबी से यह प्रश्न तब किया जब एनसीआरबी का पक्ष रख रहे वकील ने अदालत को बताया कि ब्यूरो केवल अपराध के आंकड़े एकत्र करता हैं. एनसीआरबी के वकील टी पी सिंह के बयान पर अदालत ने कहा कि यह ‘सही नहीं लगता है’. अदालत ने ब्यूरो को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जिसमें स्पष्ट हो कि वह किस तरह के आंकड़े एकत्र करता है.

अदालत ने कहा कि यदि वह (एनसीआरबी) केवल आंकड़े एकत्र करता है तो इसके लिये केवल एक क्लर्क की आवश्यकता होगी और समूचे ब्यूरो की नहीं. अदालत ने कहा कि हलफनामे में एनसीआरबी द्वारा संग्रहित सभी मानदंडो के डाटा को शामिल किया जाना चाहिए . अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगले साल 8 जनवरी की तारीख नियत की है. अदालत ने यह आदेश आरटीआई कार्यकर्ता प्रकाश पटेल द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग के अप्रैल 2018 के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर दिया. 

देश के 19 बड़े शहरों में अपराध के मामले में दिल्ली टॉप पर : NCRB
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 2016 में दिल्ली में देश के 19 प्रमुख शहरों के मुकाबले सबसे अधिक अपराध के साथ बलात्कार के भी सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए. राष्ट्रीय राजधानी हत्या, अपहरण, किशोरों की संलिप्तता वाले संघर्ष एवं आर्थिक अपराधों के मामले में भी पहले स्थान पर रहा.

बीस लाख से अधिक की आबादी वाले 19 प्रमुख शहरों में पिछले साल महिलाओं के खिलाफ कुल 41,761 मामले दर्ज किये गए. इनमें से 33 प्रतिशत यानी 13,803 मामले अकेले दिल्ली में सामने आए. इसके बाद मुंबई का नंबर आता है, जहां महिलाओं के खिलाफ करीब 12.3 फीसदी (5,128) मामले दर्ज किये गए. एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 40 प्रतिशत मामले बलात्कार के थे. वहीं पति और उसके रिश्तेदारों द्वारा उत्पीड़न एवं दहेज को लेकर होने वाली मौतों का आंकड़ा 29-29 फीसदी रहा.

आईपीसी से जुड़े 38.8 प्रतिशत अपराध दिल्ली में हुए. इसके बाद बेंगलुरु (8.9 प्रतिशत) और मुंबई सात प्रतिशत का नंबर आता है.  दिल्ली में अपहरण के भी सर्वाधिक मामले दर्ज किये गए. वर्ष 2016 में राष्ट्रीय राजधानी में अपहरण के 5,453 (48.3 प्रतिशत), मुंबई में 1,876 (16.6 फीसदी) और बेंगलुरु में 879 (7.8 प्रतिशत) मामले दर्ज किये गए.

इनपुट भाषा से भी