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हरियाणा: इनेलो दो फाड़ होने की ओर, ओमप्रकाश चौटाला के गढ़ में पोते ने दिखाई ताकत

दुष्यंत ने कहा कि कुछ लोग पार्टी के संगठन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे टूटने नहीं दिया जाएगा. कार्यकर्ताओं को दिये संबोधन में दो शेर सुनाकर दुष्यंत ने अपनी वर्तमान व भविष्य की रणनीति भी बता डाली.

हरियाणा: इनेलो दो फाड़ होने की ओर, ओमप्रकाश चौटाला के गढ़ में पोते ने दिखाई ताकत
ओमप्रकाश चौटाला के गढ़ में दुष्यंत ने सोमवार को अपनी ताकत दिखाई. Twitter

जींद : इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से निलंबित किए जाने के बाद पार्टी सांसद दुष्यंत चौटाला सोमवार को पहली बार अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला के गृहक्षेत्र जींद पंहुचे और शक्ति प्रर्दशन किया. सांसद दुष्यंत चौटाला जब जींद पंहुचे तो कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. उत्साहित दुष्यंत ने कहा कि कुछ लोग पार्टी के संगठन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे टूटने नहीं दिया जाएगा. कार्यकर्ताओं को दिये संबोधन में दो शेर सुनाकर दुष्यंत ने अपनी वर्तमान व भविष्य की रणनीति भी बता डाली.

चौटाला परिवार में पिछले कुछ दिन से चल रही अस्तित्व और वर्चस्व की लड़ाई के बीच दुष्यंत चौटाला अपनी टीम के साथ-साथ पिता के पुराने साथियों को भी लामबंद करने में जुटे हैं. इसी कड़ी में सांसद दुष्यंत सोमवार को अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला के गृहक्षेत्र जींद पंहुचे. पार्टी कार्यालय के सामने पार्क में हजारों कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़ ने उनका जोरदार स्वागत किया.

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समर्थकों को संबोधित करते हुए दुष्यंत ने कहा, इस पूरे प्रकरण से मुझे बड़ा झटका लगा है. कंधे से कंधा मिलाकर चलने वालों ने ही मुझे दोषी बना दिया. बहुत दुख हुआ. जो नोटिस मुझे दिया गया था, उसका जवाब दे दिया है. कमेटी के सामने भी अपना पक्ष रखूंगा. लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा कि नोटिस में जिस प्रकार की भाषा लिखी गई है वह भाषा इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी चौधरी देवालाल व ओमप्रकाश चौटाला के संघर्ष को बेकार करने का प्रयास नहीं किया. कुछ लोग संगठन को बिखेरने का प्रयास कर रहे हैं. उनको पता होना चाहिए कि संगठन को खड़ा करने में अजय चौटाला ने भी अपने जीवन के 40 साल लगाए हैं. वह संगठन को कमजोर नहीं होने देंगे, बल्कि पहले से ज्यादा काम करके संगठन को और मजबूत बनाएंगे.’