ई-रिक्शा पर अध्यादेश जारी कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने की राह खोलते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक अध्यादेश जारी कराने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। इस बारे में प्रस्तुत विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने के कारण अध्यादेश का रास्ता चुना जा रहा है।

ई-रिक्शा पर अध्यादेश जारी कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने की राह खोलते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक अध्यादेश जारी कराने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी। इस बारे में प्रस्तुत विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने के कारण अध्यादेश का रास्ता चुना जा रहा है।

सुरक्षा चिंताओं को लेकर जुलाई में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगाए जाने के बाद दिल्ली में बैटरी से चलने वाले तिपहिया वाहनों का चलना बंद हो गया था। कल ही समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र में ई-निक्शा परिचालन को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रस्तावित विधेयक को लोकसभा ने पारित कर दिया है पर यह राज्यसभा में यह अटक गया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां कहा, ई-रिक्शा विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं हो सका। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ई-रिक्शा के संबंध में सभी अड़चनें दूर कर ली गई हैं। आज मंत्रिमंडल ने इस संबंध में अध्यादेश लाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया। उल्लेखनीय है कि सरकार ने ई-रिक्शा के परिचालन एवं इन्हें चलाने के लिए ड्राइवर को अनिवार्य तौर पर लाइसेंस लेने के नियम अक्टूबर में अधिसूचित किए थे। इन वाहनों की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा सीमित की गयी थी। चूंकि ज्यादातर ई-रिक्शा ड्राइवरों के पास लाइसेंस नहीं हैं, मौजूदा प्रावधानों के तहत उन पर अगले एक साल तक ई-रिक्शा चलाने पर रोक है।

लोकसभा में 18 दिसंबर को पारित मोटर वाहन संशोधन विधेयक, 2014 में मोटर वाहन कानून, 1988 की धारा 7 (1) में संशोधन कर एवं कानून में ई-रिक्शा व ई-गाड़ी की परिभाषा जोड़कर ई-रिक्शा के ड्राइवरों को लाइसेंस देने में आ रही दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा, इसमें उस प्रावधान को भी हटा दिया गया है जिसके तहत यह व्यवस्था है कि जब तक एक व्यक्ति के पास हल्का मोटर वाहन चलाने का कम से कम एक साल का लाइसेंस न हो, उसे लर्निंग लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

गडकरी ने कहा, पहले हमने ई-रिक्शा और ई-गाड़ी को मोटर वाहन कानून के दायरे से बाहर रखने का निर्णय किया था, लेकिन अदालत के निर्णय के बाद हमने इसे कानून में शामिल कर दिया। हमने शैक्षणिक योग्यता में छूट दी और विनिर्माताओं के संघ को 10 दिन का प्रशिक्षण देंगे। गडकरी ने यह भी कहा कि वह ई-रिक्शा खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का प्रयास कर रहे हैं और एक योजना पर भी काम चल रहा है।

सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन (16वां संशोधन) नियम, 2014 को अधिसूचित कर दिया है। नए नियमों के तहत ई-रिक्शा को चार यात्रियों को ले जाने और 40 किलो का सामान ढोने की अनुमति होगी, जबकि ई-गाड़ी को 310 किलोग्राम तक के वजन का सामान ढोने की अनुमति होगी।