नशीली दवाओं के तस्कर नाबालिगों को कर रहे थे बर्बाद, कॉलोनी वालों ने उठाया ये कदम

बच्चों के ड्रग्स के दलदल में धीरे-धीरे जाने की चिंता में कॉलोनी वालों ने इसके लिए कमर कसी

नशीली दवाओं के तस्कर नाबालिगों को कर रहे थे बर्बाद, कॉलोनी वालों ने उठाया ये कदम
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वी दिल्ली स्थित ज्वाला नगर कॉलोनी में लोग दो ड्रग्स तस्करों से पिछले काफी दिनों से परेशान थे. दोनों ही तस्कर कॉलोनी के नाबालिग बच्चों को ड्रग्स, हेरोइन जैसी नशीली दवाएं बेचते थे. बच्चों के ड्रग्स के दलदल में धीरे-धीरे जाने की चिंता कॉलोनी वालों को सता रही थी. काफी दिन बीतने के बाद भी दोनों तस्करों की गतिविधियां मोहल्ले में लगातार बनी हुई थी. इसका कुछ समाधान निकल नहीं रहा था, एक दिन तंग आकर कॉलोनी के लोग इकट्ठे हुए और क्राइम ब्रांच के ऑफिस जाने का फैसला किया. 

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लोगों की शिकायत करने पर एडिशन पुलिस कमिश्नर ने एक टीम बनाई और इन दोनों तस्करों को कुछ दिनों बाद 50 लाख रुपये मूल्य के हेरोइन के साथ पकड़ लिया. दोनों आरोपी की पहचान सिकंदर और उसके लॉ अंकित के रूप में हुई है. दोनों तस्कर स्थानीय हैं. बताया जा रहा है कि दोनों दो साल से इस काम में लगे हैं. कॉलोनी के लोगों ने क्राइम ब्रांच के नारकोटिक्स यूनिट को इस मामले में तुरंत सक्रियता दिखाने के लिए साभार व्यक्त किया.

एडिशनल सीपी (क्राइम) अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि इस संबंध में यह छापेमारी इंदिरा पार्क में डीसीपी भसीन सिंह की टीम ने मारी, जहां ये दोनों 300 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए. सिंगला ने बताया कि खराब आर्थिक स्थिति की वजह से अंकित का पूरा परिवार ही इस तरह के अवैध धंधे से जुड़ गया था.

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सिकंदर ने पुलिस को बताया कि पढ़ाई छो़ड़ने के बाद वह अपने माता-पिता के अवैध शराब तस्करी के काम में सप्लाई करने का काम शुरू कर दिया. फिर शादी के बाद वह और उसकी पत्नी ने उत्तम नगर में रहना शुरू कर दिया. इसके बाद भी वह शराब की तस्करी में लगा रहा. अंकित पहले जगराता में गाया करता था लेकिन इस साल के शुरुआत से वह भी ड्रग्स बेचने लगा.पुलिस जांच में पता चला कि दोनों बरेली के एक सप्लायर से ड्रग्स खऱीदते थे और दिल्ली में बेचते थे. बरेली के उस सप्लायर को भी खोज निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं.