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मोईन कुरैशी की 9.35 करोड़ की संपत्ति अटैच, फार्म हाउस और बीकानेर का किला भी शामिल

ED ने जो संपति अटैच की है उसमें दिल्ली के छतरपुर में फार्म हाउस, बीकानेर में एक पुराना किला भी शामिल है. ED के मुताबिक मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) ने ये संपति शेल कपंनी के नाम से बना रखी थी.

मोईन कुरैशी की 9.35 करोड़ की संपत्ति अटैच, फार्म हाउस और बीकानेर का किला भी शामिल
मीट कारोबारी मोईन कुरैशी पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है. फाइल तस्वीर- PTI

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मीट एक्सपोर्टर मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) की 9.35 करोड़ की संपति मनी लॉर्डिंग मामले में अटैच की है. मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) के ये संपति दिल्ली, राजस्थान, देहरादून और गोवा में है. ED ने जो संपति अटैच की है उसमें दिल्ली के छतरपुर में फार्म हाउस, बीकानेर में एक पुराना किला भी शामिल है. ED के मुताबिक मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) ने ये संपति शेल कपंनी के नाम से बना रखी थी. इन कंपनियों के नाम हैं, M/s Evershine Hospitality Pvt Ltd, M/s Skyrise Infratech Pvt Ltd, M/s Impress Estate Pvt Ltd और  M/s Millennium Propcon Pvt Ltd.

ED ने CBI की FIR के आधार पर मनी लॉर्डिंग का मामला दर्ज जांच शुरू की थी. मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) CBI के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह (AP Singh) के साथ मिल कर CBI की जांच के निशाने पर आये आरोपियों के मामले निपटाने, उनको फायदा पहुंचाने में लगा हुआ था और इसके बदले आरोपियों से पैसे ले रहा था. इसके बाद CBI ने मोईन कुरैशी (Moin Qureshi), CBI के पूर्व डायरेक्टर AP Singh, आदित्या शर्मा और प्रदीप कोनारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. 

ED की जांच में पता लगा था कि मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) आरोपियों को फायदा पहुंचाने के बदले अपने साथी सतीश सना बाबू और दूसरे आदमियों के जरिये पैसा लेता था और फिर उसे हवाला के जरिये विदेशों में पहुंचा देता था या फिर शेल कंपनी के जरिये प्राप्ट्री में इन्वेस्ट करता था. इन्ही पैसों के जरिये वो विदेशों में सरकारी अधिकारियों को भी फायदा पहुंचाता था.

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इसी जांच के आधार पर ED ने मोइन कुरैशी को 26 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था. साथ ही दिसंबर महीने में जमानत पर बाहर आया था. ED ने भी इस मामले में आरोपी और मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) के खास आदमी सतीश सना बाबू को 27 जुलाई 2019 को गिरफ्तार किया था. 

सतीश सना बाबू की वजह से ही CBI में आलोक कुमार वर्मा, तत्कालिन डायरेक्टर और राकेश अस्थाना, तत्कालिन स्पेशल डायरेक्टर सीबीआई के बीच में खुली जंग हो गयी थी. राकेश अस्थाना जो इस मामले की जांच कर रहे थे वो सतीश सना बाबू को गिरफ्तार करना चाहते थे जबकि डायरेक्टर सीबीआई आलोक कुमार वर्मा सतीश सना बाबू का बचाव कर रहे थे. ED अब तक इस मामले में मोईन कुरैशी (Moin Qureshi) की 12.69 करोड़ की संपति अटैच कर चुकी है. इससे पहले 3.34 करोड़ की संपति 13 सितंबर 2017 में अटैच की गयी थी.