दिल्ली-NCR में प्रदूषण की 'इमरजेंसी' कायम, हवा की गुणवत्ता हुई बेहद खराब

विश्व वायु गुणवत्ता सूचकांक रैंकिंग पर एयर विजुअल के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली ने शुक्रवार को 527 एआईक्यू के साथ दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर होने का दर्जा प्राप्त कर लिया. 

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की 'इमरजेंसी' कायम, हवा की गुणवत्ता हुई बेहद खराब
(फाइल फोटो, साभार - रॉयटर्स)

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को शनिवार सुबह भी प्रदूषण (Pollution) से कोई राहत नहीं मिली है. प्रदूषण खरतनाक स्तर पर बना हुआ है. दिल्ली (Delhi) में पीएम 2.5  का लेवल 505 तक पहुंच गया है. एनसीआर (NCR) के बाकी इलाकों में भी हालात बहुत खराब है. 

दिल्ली के वजीरपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 437 (गंभीर श्रेणी) तो मुंडका में 458 (गंभीर श्रेणी) रहा. लोधी गार्डन में पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल 500 (गंभीर श्रेणी) में पहुंच गयानोएडा में पीएम 10 का लेवल 500, गुरुग्राम में पीएम 2.5 का लेवल 642, गाजियाबाद में 438 और ग्रेटर नोएडा में 399 बना हुआ है. 

बता दें विश्व वायु गुणवत्ता सूचकांक रैंकिंग पर एयर विजुअल के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली ने शुक्रवार को 527 एआईक्यू के साथ दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर होने का दर्जा प्राप्त कर लिया. एयर विजुअल के आंकड़े लगातार अपडेट होते रहते हैं, लिहाजा दिन के दौरान रैंकिंग और एक्यूआई आंकड़े बदलते रहते हैं.

एयर विजुअल के मुताबिक, पांच नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और इसके बाद लगातार नौ दिनों तक यह खतरनाक स्थिति में था. सार्वजनिक रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से दूषित वायु के बने रहने की यह सबसे लंबी अवधि रही.

शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में से छह दिल्ली, लाहौर, कराची, कोलकाता, मुंबई और काठमांडू भारतीय उपमहाद्वीप में पड़ते हैं. यानी एशिया में वायु प्रदूषण दक्षिणी एशिया में केंद्रित हो गया है.

इस श्रेणी में तीन भारतीय शहर हैं. तो ऐसे में यह स्पष्ट है कि वायु प्रदूषण की समस्या केवल उत्तर भारत में ही नहीं है, लेकिन दिल्ली का प्रदूषण कोलकाता के मुकाबले दोगना है.