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UPSC की परीक्षा पास नहीं कर पाया, तो बन गया फर्जी IPS अधिकारी और जमाने लगा धौंस

इस कारोबारी की पहचान राजीव गुप्ता (53) के रूप में हुई है. वह अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में इंदिरापुरम के नीति‍ खंड में रहता है. हौजकाजी इलाके में उसकी पाइप की दुकान है.

UPSC की परीक्षा पास नहीं कर पाया, तो बन गया फर्जी IPS अधिकारी और जमाने लगा धौंस

नई दिल्‍ली: सिविल सर्विस परीक्षा (UPSC) पास नहीं करने के बावजूद अपने धौंस को कायम रखने के लिए एक कारोबारी ने फजीवाड़े का सहारा लिया. उसने आईपीएस अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र बनवाया और इसके जरिए वह लोगों को डराने और धमकाने लगा. एक सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ा. उसके पास से पहचान पत्र मिला है, जिसमें उसने खुद को आईजी पुलिस तमिलनाडु लिखा हुआ था. पुलिस कारोबारी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है.

सेंटर डिस्टिक के डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि इस कारोबारी की पहचान राजीव गुप्ता (53) के रूप में हुई है. वह अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में इंदिरापुरम के नीति‍ खंड में रहता है. हौजकाजी इलाके में उसकी पाइप की दुकान है. डीसीपी ने बताया की गुरुवार शाम हौजकाजी पुलिस के एसएचओ सुनील कुमार को जानकारी मिली कि एक शख्स है, जिसके पास आईपीएस का पहचान पत्र है. वह खुद को तमिलनाडु कैडर का आईजी बता रहा है. तभी एसएचओ ने एसआई योगेंद्र कुमार के साथ मिलकर सीताराम बाजार में पाइप का कारोबार करने वाले राजीव गुप्ता को पकड़ा और उसके पास से तीन आईपीएस के आईडी बरामद किए.

जांच में पता चला की ये खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों पर धौंस जमाता है. जांच में आरोप सही पाए जाने पर राजीव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया, जो फर्जी आईडी बरामद हुआ, उस पर आरोपी का नाम, कैडर तमिलनाडु और बैच 1989 लिखा हुआ था. पूछताछ में 53 साल के राजीव गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसने 1989 में सिविल सर्विस का एग्जाम दिया था. लेकिन वह आईपीएस नहीं बन पाया. उसके समय में पास हुए अधिकारी अभी आईजी रैंक तक पहुंच गए हैं. इलाके में अपने दबदबा को कायम करने के लिए उसने इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने कार्ड के जरिए किसी से ठगी तो नहीं.