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दिवाली की रात कम पटाखे जले, फिर भी दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा

आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 999 (AQI) दर्ज की गई. वहीं चाणक्यपुरी स्थित अमेरिकी दूतावास के इलाके में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 459 (AQI) दर्ज की गई.

दिवाली की रात कम पटाखे जले, फिर भी दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा
सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद दिवाली पर कम जले पटाखे.

नई दिल्ली: देशभर में धूमधाम से दिवाली मनाई गई. हालांकि दिवाली की रात पटाखे जलाने से देशभर के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. जहां तक राजधानी दिल्ली की बात है तो यहां के आनंद विहार इलाके में गुरुवार सुबह प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा दर्ज किया गया. आज (8 नवंबर) सुबह 6 बजे कुल एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) PM 2.5 805 रेकॉर्ड किया गया. आनंद विहार में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 999 (AQI) दर्ज की गई. वहीं चाणक्यपुरी स्थित अमेरिकी दूतावास के इलाके में हवा की गुणवत्ता इंडेक्स पैमाने पर 459 (AQI) दर्ज की गई. वहीं मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के इलाके में हवा की क्वालिटी इंडेक्स पैमाने पर 999 (AQI) दर्ज की गई. इसके अलावा दिल्ली से सटे नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम में गुरुवार सुबह आसमान में धुंध छाए दिखे.

राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके में लोगों ने रात आठ से दस बजे के बीच पटाखा फोड़ने के लिये सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई समय-सीमा का उल्लंघन किया. दिल्ली में बुधवार रात दस बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 296 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था. रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया. हालांकि, केंद्र द्वारा संचालित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली और अन्य त्योहारों के मौके पर रात आठ से 10 बजे के बीच ही फटाखे फोड़ने की अनुमति दी थी. न्यायालय ने सिर्फ ‘हरित पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी. हरित पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं.

कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों से उल्लंघन किये जाने की खबरें मिली हैं. आनंद विहार, आईटीओ और जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का बेहद उच्च स्तर दर्ज किया गया.

मयूर विहार एक्सटेंशन, लाजपत नगर, लुटियंस दिल्ली, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका, नोएडा सेक्टर 78 समेत अन्य स्थानों से न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है. शहर में प्रदूषण निगरानी केंद्रों के ऑनलाइन संकेतकों ने ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ हवा की गुणवत्ता का संकेत दिया. रात आठ बजे के करीब पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई.

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 का 24 घंटे का औसत क्रमश: 164 और 294 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा. सफर ने गुरुवार को हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान जताया जबकि इस साल 2017 के मुकाबले कम हानिकारक पटाखे छोड़े गए. उसने यह भी कहा कि प्रदूषण का स्तर बुधवार और गुरुवार को सुबह 11 बजे और रात तीन बजे के बीच चरम पर रहेगा.