मौलाना साद पर Zee News का बड़ा खुलासा, कांग्रेस की सरकार में भी दर्ज हो चुकी है FIR

कांग्रेस के शासन काल में भी मौलाना साद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. लेकिन तब भी साद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.

मौलाना साद पर Zee News का बड़ा खुलासा, कांग्रेस की सरकार में भी दर्ज हो चुकी है FIR
मौलाना साद | फाइल फोटो

नई दिल्ली: कांग्रेस के शासन काल में भी मौलाना साद (Maulana Saad) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. लेकिन तब भी साद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. ज़ी न्यूज़ के पास केंद्र सरकार की शिकायत और एफआईआर की कॉपी मौजूद है. साल 2008 में मौलाना साद और मौलाना जुबेर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई थी. उस समय केंद्र और दिल्ली दोनों जगह कांग्रेस की सरकार थी.

ये एफआईआर केंद्र सरकार के एक विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज हुई थी. भारतीय पुरातत्तव सर्वेक्षण ने दिल्ली के निजामुद्दीन थाने में मौलाना साद और मौलाना जुबेर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी. शिकायत के आधार पर पहले सयुक्त सर्वे भी हुआ था. जिसमें शिकायत को सही बताया गया था. एफआईआर में साद और जुबेर पर बिना अनुमति के निर्माण करने का आरोप लगाया गया था. इन दोनों पर संरक्षित स्मारक नियमावली के तहत मामला दर्ज किया गया था.

मौलाना साद के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी

गौरतलब है कि साल 2008 में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस साद से पूछताछ करना तो दूर थाने तक नहीं बुला पाई थी. साद के खिलाफ एफआईआर को लेकर खासी जद्दोजहद हुई थी. लेकिन बाद में एफआईआर को यह कह कर बंद कर दिया गया कि सरकारी विभाग की शिकायत सही नहीं है.

बता दें कि एफआईआर में पुलिस ने अपनी तरफ से कोई धारा नहीं लगाई थी और ना ही यह जांच की थी कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है वह जमीन किसकी है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली हिंसा: पटियाला हाउस कोर्ट ने दंगा भड़काने की आरोपी सफूरा को दिया झटका

साद के खिलाफ कोरोना मामले में हुई एफआईआर में भी अब तक पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है और ना ही पूछताछ का कोई नोटिस दिया गया है, ईडी और दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच में जुटे हैं.

सूत्रों के मुताबिक आज तक निजामुद्दीन मरकज में कोई भी पुलिस वाला वर्दी पहने हुए अंदर नहीं जा सका है. उस समय मौलाना साद का रसूख इतना था कि डिस्ट्रिक्ट डीसीपी भी मौलाना साद से मिलने के लिए घंटो बैठे रहते लेकिन मौलाना साद तब भी नहीं मिलता था.

ये भी देखें....