जब चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे अटल बिहारी वाजपेयी, राष्‍ट्रपति को नहीं थी पार्टी की जानकारी

अटल बिहारी वाजपेयी देश के 10वें प्रधानमंत्री रहे. उन्‍होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. 

जब चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे अटल बिहारी वाजपेयी, राष्‍ट्रपति को नहीं थी पार्टी की जानकारी
(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: अटल बिहारी वाजपेयी देश के 10वें प्रधानमंत्री रहे. उन्‍होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. चाहे तकनीकी क्षेत्र हो, अंतरिक्ष क्षेत्र हो, रक्षा क्षेत्र हो या चाहे कूटनीति हो, अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को हर क्षेत्र में बुलंदी तक पहुंचाया था. शायद ही देश का कोई ऐसा व्‍यक्ति हो, जो अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में न जानता हो. प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यों को हर शख्‍स ने पसंद किया. इसके बावजूद एक राष्‍ट्रपति ऐसे भी थे जो अटल बिहारी वाजपेयी की पार्टी भारतीय जनसंघ के बारे में नहीं जानते थे. ये देश के दूसरे राष्‍ट्रपति सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन थे.

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1957 की है घटना
घटना 1957 की है. उसी साल देश में दूसरी लोकसभा के लिए आम चुनाव हुए थे. उस समय देश में सिर्फ चार ही राष्‍ट्रीय राजनीतिक दल थे. इनमें ऑल इंडिया भारतीय जन संघ (बीजेएस), कांग्रेस, प्रजा सोशलिस्‍ट पार्टी (पीएसपी) और कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया थे. उस साल चुनावों में भारतीय जनसंघ के चार उम्‍मीदवार जीतकर संसद पहुंचे थे. इनमें रत्‍नागिरी से जीते थे प्रेमजी भाई रणछोड़दास, धूलिया से पार्टी के उत्‍तमराव लक्ष्‍मण पाटिल ने जीत हासिल की थी. हरदोई से शियोदीन बीजेएस की ओर से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. इन चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी भी बलरामपुर से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे.

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राष्‍ट्रपति से कराया गया था परिचय
1957 में आम चुनाव जीतकर संसद पहुंचे भारतीय जन संघ के चारों सांसदों का परिचय तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन से कराया गया था. इसमें बलरामपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर आए अटल बिहारी बाजपेयी भी थे. इस दौरान सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन ने हैरानी जताते हुए कहा कि वह किसी भी भारतीय जन संघ नामक राजनीतिक पार्टी को नहीं जानते. उनका कहना था कि उन्‍होंने कभी भी ऐसी किसी पार्टी के बारे में नहीं सुना. हालांकि कुछ साल बाद एक इंटरव्‍यू में उन्‍होंने इस घटना को याद करते हुए कहा था कि अब उस पार्टी को कौन नहीं जानता. आज भाजपा के सबसे अधिक सांसद हैं. शायद ही कोई ऐसा शख्‍स होगा जिसने बीजेपी का नाम नहीं सुना होगा.