इस बार 'मुफ्त' नहीं होगी लाल किला ग्राउंड की रामलीला, तय हुई 'सरकारी फीस'

1988 से लाल किला ग्राउंड में रामलीला होती आई है और आज तक वह नि:शुल्क रहती रही है

इस बार 'मुफ्त' नहीं होगी लाल किला ग्राउंड की रामलीला, तय हुई 'सरकारी फीस'
इस बार SI डिपार्टमेंट ने रामलीला कमेटी को नोटिस जारी किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आशिफ इकबाल, नई दिल्ली: ऐसा नजर आ रहा है कि राम नाम के सहारे सत्ता में आने वाली भारतीय जनता पार्टी अब राम नाम से ही पीछा छुड़ाती नजर आ रही है. या यूं कहें कि जहां राम का नाम आ रहा है वहां भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है और सबसे पहले अपना फायदा देख रहे हैं. पहले रामलीला मैदान का नाम बदलने की चर्चा शुरू हुई जो बाद में शांत हो गई लेकिन फिर से एक बार फिर राम नाम पर बीजेपी की सियासत सामने आई है.

1988 से लाल किला ग्राउंड में होती रही है रामलीला
कई वर्षों से या यूं कह लें कि 1988 से लाल किला ग्राउंड में रामलीला होती आई है और आज तक वह नि:शुल्क रहती रही है. लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद और एमसीडी में भी बीजेपी की सरकार होने के बावजूद इस बार SI डिपार्टमेंट ने रामलीला कमेटी को नोटिस जारी किया है और कहा है कि सभी को 25-25 हजार रोज के हिसाब से देने होंगे और पांच लाख रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करना होगा.

कीमत सुन फूलने लगे हाथ-पांव
इस आदेश के बाद रामलीला वालों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं कि इतनी ज्यादा कीमत उनसे ना वसूली जाए. कहा जाता रहा है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार राम नाम के सहारे ही सरकार में आई है और अगली बार भी इसकी पूरी तैयारी होती दिख रही है. लेकिन बावजूद इसके रामलीला वालों को सरकार का फरमान मिल रहा है.

पूर्व कांग्रेस सांसद ने साधा बीजेपी पर निशाना
इसी मुद्दे को लेकर रामलीला मैदान कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस सांसद जेपी अग्रवाल ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा, "जब बीजेपी सत्ता में आती है तब वह रामलीला वालों को परेशान करती है. समझ में नहीं आता कि जिस राम के सहारे वो सरकार में होते हैं उसी राम के नाम से इतना दोहन क्यों होने लगता है. BJP का यह दोहरी चरित्र है."

सरकारी अधिकारियों ने दिया गोलमोल जवाब
सवाल यह है कि यह सब क्यों हो रहा है जब केंद्र में बीजेपी की सरकार है और एमसीडी में भी बीजेपी की सरकार है. जी मीडिया ने जब सरकारी मुलाजिमों से बात करनी चाही तो उन लोगों ने साफ तौर पर कह दिया कि यह सरकारी फरमान है जवाब भी सरकार ही देगी.