हरियाणा: भाजपा के डीपी वत्स राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए

राज्य में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की सरकार के दौरान मई 2011 से अप्रैल 2012 के बीच डीपी वत्स हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं.

हरियाणा: भाजपा के डीपी वत्स राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए
हरियाणा से बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या अब दो हो गई है.(फाइल फोटो)

चंडीगढ़: हरियाणा में राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए भाजपा उम्मीदवार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स निर्विरोध चुने गए क्योंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा. सीट पर वर्तमान में कांग्रेस सदस्य शादी लाल बत्रा का कब्जा है जो दो अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. एक अधिकारी ने बताया,‘‘ कार्यकाल पूरा होने के बाद दो अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे( राज्यसभा) सदन के एक सदस्य की रिक्त होने वाली सीट के लिए वत्स को विधिवत चुना गया. ’’ वत्स(67) ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख12 मार्च को अपना नामांकन दिया था. नाम वापस लेने की आज अंतिम तारीख थी.

हरियाणा में 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक हैं और वत्स आसान से जीत जाते. इनेलोद के 19 सदस्य, कांग्रेस के 17 और बसपा तथा शिअद के एक- एक सदस्य हैं. पांच निर्दलीय हैं. हरियाणा से बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या अब दो हो गयी है. केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह राज्य से राज्य सभा के दूसरे सदस्य हैं. 

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हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं डीपी वत्स
राज्य में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की सरकार के दौरान मई 2011 से अप्रैल 2012 के बीच डीपी वत्स हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं. इस सीट के लिए वत्स के नाम की घोषणा से पहले राज्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता गणेशी लाल, महेंद्रगढ़ की पूर्व सांसद सुधा यादव और बीजेपी के मीडिया प्रभारी राजीव जैन का नाम दौड़ में आगे चल रहा था. वत्स ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘प्रशिक्षण और प्रतिबद्धता दोनों से एक सैनिक राष्ट्रवादी होता है.’ उन्होंने कहा था कि जिस देश में सैनिकों का सम्मान होता है वह देश सुरक्षित रहता है. उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर वह राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाएंगे और क्षुद्र राजनीति नहीं करेंगे.

इनपुट भाषा से भी