हरियाणा: बिजली विभाग के 5 SDO टर्मिनेट, 7 का हुआ डिमोशन, जानिए क्या है मामला

 22 नवंबर तक का वक्त दिया गया है, अगर ​फिर भी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो पूरे हरियाणा में बड़े आंदोलन का मोर्चा खोला जाएगा.

हरियाणा: बिजली विभाग के 5 SDO टर्मिनेट, 7 का हुआ डिमोशन, जानिए क्या है मामला
पूरे मसले को लेकर हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने मैनेजमेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

हिसार: दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में कार्यरत 5 एसडीओ को टर्मिनेट करने और 7 एसडीओ डिमोट करके जेई बनाने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी सख्ते में हैं. हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने इस पूरे मसले को लेकर स्टैंड ले लिया है. यूनियन ने पूरे प्रदेश में आंदोलन की रूप रेखा भी बना ली है. बकायदा हरियाणा के सीएम, डिप्टी सीएम और नए बिजली मंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है. पूरे हरियाणा में अलग-अलग दिन मीटिंगों का दौर चल रहा है, नारेबाजी भी हो रही है.

बैठकों का दौर 22 नवंबर तक चलेगा. पूरा मामला दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की मैनेजमेंट द्वारा हाल ही में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के दायरे में आने वाले अलग-अलग सर्कल में कार्यरत 5 एसडीओ को टर्मीनेट करने और 7 एसडीओ डिमोट करके वापिस जेई बनाने पर बिगड़ा है. ऐसा इसलिए किया गया है कि ये कर्मी डिपार्टमेंटल अकाउंट एग्जाम यानि डीएई क्लीयर नहीं कर पाए. 

क्या होता है डिपार्टमेंटल अकाउंट एग्जाम
आपको डिपार्टमेंटल अकाउंट एग्जाम यानि डीएई के बारे में भी बता देते है कि आखिर यह होता क्या है. इस एग्जाम की अगर बात करें तो बिजली निगम एसडीओ पद के लिए डिपार्टमेंटल एकाउंट एग्जाम लेता है. इस परीक्षा में चार तरह के पेपर होते हैं. पहला रेवेन्यू, दूसरा एक्ट, तीसरा सर्विस रूल आदि. हर एसडीओ को शुरू के आठ एग्जाम क्लीयर करने होते हैं.

9 साल बाद घर बैठा दिया
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के स्टेट प्रेजी​डेंट केडी बंसल ने बताया कि बिजली निगम ने जिन पांच एसडीओ को तुरंत प्रभाव से टर्मीनेट किया है. इन पांच एसडीओ में से एक एचबीवीएन का और चार डीएचबीवीएन के थे. ये सभी एसडीओ वर्ष 2010 में परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हए थे. नौकरी के नौ साल बाद डिपार्टमेंटल एग्जाम क्लीयर नहीं करने पर निगम ने इनको वापस घर बैठा दिया है. इतना ही नहीं बिजली निगम ने एग्जाम क्लीयर नहीं करने पर जेई से पदोन्नत हुए सात एसडीओ को डिमोट कर वापस जेई बना दिया है. इसमें एक-दो एसडीओ रिटायरमेंट के पड़ाव पर हैं. ऐसे में रिटायरमेंट होने के बाद इन्हें एसडीओ की बजाय जेई का ग्रेड पे व पेंशन मिलेगी. दूसरी ओर निगम के इस फरमान से निलंबित अधिकारियों के साथ सभी कर्मचारी भी हैरान हैं. बिजली निगम ने ऐसा पहली बार कोई कदम उठाया है.

नई सरकार से हस्तक्षेप की गुहार 
इस पूरे मसले को लेकर हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने मैनेजमेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एसोसएिशन के स्टेट प्रेजी​डेंट केडी बंसल ने बताया कि हरियाणा के हर सर्कल पर रोजाना कहीं ना कहीं ड्यूटी के बाद गेट मीटिंग चल रही है. प्रदेश की मनोहर सरकार-2 के सीएम, डिप्टी सीएम और नए नवेले बिजली मंत्री को भी पत्र लिख मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है. मांग पत्र के जरिए मांग करते हुए कहा गया है कि एग्जाम की तैयारी के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं जाता है. एसडीओ के पद पर वर्क लोड पहले ही अधिक है. सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले एसडीओ को होती है. काम के चक्कर में विभागीय एग्जाम का पता ही नहीं चल पाता. ऐसे में बिजली निगम को उन्हें मर्सी जांच देना चाहिए. वे कई सालों से निगम में नौकरी कर रहे हैं, उनके साथ ऐसा नहीं होना चाहिए कि दिक्कत एक कर्मचारी के परिवार पर भी आ जाएं.

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दूसरी यूनियन भी समर्थन में
हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के स्टेट प्रेजी​डेंट केडी बंसल ने बताया कि एसोसिएशन के सम​र्थन में बिजली विभाग की अन्य यूनियन जैसे वर्कज यूनियन, क्लर्क यूनियन, जेई यूनियन इत्यादि भी आने लगी है. पावर हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने निगम प्रशासन से उक्त आदेश वापस लेने और एसडीओ को एक और अवसर यानि मर्सी चांस देने की मांग की. 22 नवंबर तक का वक्त दिया गया है, अगर ​फिर भी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो पूरे हरियाणा में बड़े आंदोलन का मोर्चा खोला जाएगा.