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हरियाणा: PM मोदी की 4 से 5 रैलियां, अमित शाह करेंगे एक दर्जन से भी ज्यादा रैलियां

हरियाणा में मिशन 75 लेकर चल रही बीजेपी, पीएम मोदी की रैलियां अहीरवाल, जाटलैंड, जीटी रोड बेल्ट और पश्चिम हरियाणा में करा सकती है जिससे कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर असर पड़े. दशहरा के बाद PM मोदी की रैलियां होने की संभावना है.

हरियाणा: PM मोदी की 4 से 5 रैलियां, अमित शाह करेंगे एक दर्जन से भी ज्यादा रैलियां

नई दिल्‍ली: वैसे तो बीजेपी को पूरा भरोसा है कि हरियाणा चुनाव (Haryana Assembly Elections 2019) में पार्टी की सरकार की वापसी तय है लेकिन चुनावी रणनीति को धार देने के लिए बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 4 से 5 रैलियां कराने की तैयारी कर ली है. हालांकि तारीखों और स्‍थान को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है. माना जा रहा है कि प्रदेश की 90 सीटों को ध्‍यान में रखकर रैलियों की जगह तय की जाएगी.

हरियाणा में मिशन 75 लेकर चल रही बीजेपी, पीएम मोदी की रैलियां अहीरवाल, जाटलैंड, जीटी रोड बेल्ट और पश्चिम हरियाणा में करा सकती है जिससे कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर असर पड़े. दशहरा के बाद PM मोदी की रैलियां होने की संभावना है.

वैसे सत्तारूढ़ बीजेपी ने अपने 90 प्रत्याशियों का नाम तय कर लिया है. उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी चुनाव प्रचार में जुट जायेंगे. गृह मंत्री अमित शाह की हरियाणा में 12 रैलियां और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की 10 रैलियां होने की संभावना है. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी कार्यक्रम तय किया जा रहा है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रदेश में पार्टी के पक्ष में कई रैलियों को संबोधित करेंगे. इनके अलावा नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, सनी देओल, मनोज तिवारी, हर्षवर्धन, गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रह्लाद पटेल, वीके सिंह, संजीव बलियान, राव इंदरजीत, रतनलाल कटारिया, कृष्णपाल गुज्जर भी पार्टी के लिये जमकर प्रचार करेंगे.

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प्रदेश के सांसदों के पास अपने-अपने संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी होगी. वे वही डेरा डाले रहेंगे. लेकिन प्रदेश से बाहर के कई सांसदों को विधानसभावार भी जिम्मेदारी दी जायेगी. चुनाव प्रचार के साथ 5 से 8 विधानसभा सीटों की ज़िम्मेदारी दी जायेगी. हरियाणा में जातिगत हिसाब को ध्यान में रखते हुए राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उतर प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और बड़े नेताओ को विधानसभा के हिसाब से जिम्मेदारी दी जायेगी.

बीजेपी की रणनीति है- PM मोदी की लोकप्रियता, राष्ट्रवाद, धारा 370, CM मनोहर लाल  खट्टर की साफ-सुथरी और पारदर्शी छवि के साथ प्रचार के बेहतर तरीके के जरिये प्रदेश की सत्ता में फिर से वापसी करना.