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हरियाणा: परशुराम के फरसे पर गरमाई राजनीति, ब्राह्मण समुदाय के निशाने पर सीएम खट्टर

पंचायत ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को माफी मांगने के लिए 18 सितंबर तक का समय दिया है. माफी नहीं मांगने पर विधानसभा चुनावों के द्वारान ब्राह्मण ने बीजेपी का बहिष्‍कार करने का अल्‍टीमेटम दिया है.

हरियाणा: परशुराम के फरसे पर गरमाई राजनीति, ब्राह्मण समुदाय के निशाने पर सीएम खट्टर
बरवाला में पंचायत के बाद कुछ लोगों ने मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पुलते का हदन भी किया.

हिसार: हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इन दिनों एक बड़े विवाद में फंस गए है. माजरा जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर द्वारा बीजेपी नेता और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पूर्व मेंबर डॉक्टर हर्ष भारद्वाज पर गुस्से में आकर की गई टिप्पणी से जुड़ा है. इसी विवाद के मद्देनजर सीएम मनोहर लाल के खिलाफ प्रदेश के ब्राह्मण समुदाय ने भी मोर्चा खोल दिया है.

हिसार के बरवाला में रविवार को राज्यस्तरीय पंचायत कर ब्राह्मण समुदाय ने सीएम मनोहर लाल को गर्दन काटने वाले वीडियो मामले में 18 सितंबर तक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है. इसके साथ ही, समुदाय की पंचायत ने ऐलान किया है कि अब भविष्य में जो भी परशुराम के फरसा को स्मृति चिन्ह के रूप में ब्राह्मण के अलावा किसी दूसरी जाति के व्यक्ति को देगा, तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. 

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हालांकि, जिस दौरान यह पंचायत हुई, उस वक्त डॉ. हर्ष मोहन भारद्वाज पंचायत में उपस्थित नहीं थे. हरियाणा के संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिराम दीक्षित ने कहा कि सीएम ने यात्रा के दौरान कितने चांदी की गदा और मुकुट ले लिए, लेकिन हमारे मुकुट के वक्त भाषा बदल गई. सीएम को अगर मुकुट के बारे में कोई गिला-शिकवा था तो किसी अन्‍य तरीके से भी बात हो सकती थी. पंचायत में धर्मबीर शर्मा ने कहा कि अपमान का घूंट ब्राह्मण वर्ग को पहले भी पिलाया गया.

उन्‍होंने कहा कि यात्रा के घटनाक्रम के 20 मिनट बाद मार्किट कमेटी के चेयरमैन रणधीर सिंह धीरू ने 2 किलो का गदा बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पुनिया की मौजूदगी में सीएम ने लिया था, लेकिन उन्‍हें हमारा मुकुट में दिक्कत थी. आपको बता दें कि हरियाणा में सीएम मनोहर लाल द्वारा निकाली गई जनआशीर्वाद यात्रा बीते दिनों जब हिसार के बरवाला में पहुंची थी. जहां मुकुट को लेकर सीएम मनोहर लाल हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के पूर्व सदस्य और भाजपा नेता डॉ हर्ष मोहन भारद्वाज पर गुस्‍सा हो गए थे.

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उस दौरान का एक वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में सीएम मनोहर लाल, हर्ष मोहन भारद्वाज पर गुस्से में आकर गर्दन काटने की बात कहते नज़र आ रहे हैं. उसी मसले पर विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में एक विवाद शुरू हो गया है. हालांकि, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस मामले पर प्रेस के समक्ष अपनी सफाई पेश कर दी है. लेकिन, प्रदेश का ब्राह्मण वर्ग इस पूरे मसले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से काफी खफा है.

ब्राह्मण समुदाय हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पवन शर्मा ने बताया कि बरवाला एरिया की ब्राह्मण धर्मशाला में ब्राह्मण समुदाय की राज्यस्तरीय पंचायत हुई. बैठक में हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से ब्राह्मण वर्ग के जिला इकाईयों के प्रधान भी पहुंचे थे. जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए. जिसमें अहम निर्णय यह है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अगर इस मसले को लेकर ब्राह्मण समुदाय से 18 सितंबर को शाम 4 बजे तक माफी नहीं मांगते हैं, तो 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र में एक बड़ी महापंचायत बुलाई जाएगी और विधानसभा इलेक्शन से पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला जाएगा.

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उन्होंने बताया कि जिस वक्त सीएम मनोहर लाल को गुस्सा आया था, उस वक्त सीएम मनोहर लाल को भगवान परशुराम की निशानी माने वाला फरसा देकर सम्मानित किया गया था. ब्राह्मण समुदाय ने एलान किया कि अब भविष्य में यह स्मृति चिन्ह ब्राह्मण अगर किसी दूसरी बिरादरी के व्यक्ति को देगा तो उसका भी बहिष्कार होगा. 

सीएम का पुतला भी फूंका
पंचायत के बाद कुछ लोगों ने मिलकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला भी फूंका. रोज जताने वालों में शामिल प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने ब्राह्मण वर्ग का अपमान करने का काम किया है. ऐसे में उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठा हरियाणा का मुखिया सभी का सांझा होता है. लेकिन, एक वर्ग का अपमान करना गलत है.