हरियाणा की अनाज मंडियों के व्यापारी कमीशन को लेकर नाराज, आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा की अनाज मंडियों के व्यापारी कमीशन को लेकर नाराज, आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा में अनाज मंड़ियों में व्यापार करने वाले आढ़ती प्रदेश भर में हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं.

हरियाणा की अनाज मंडियों के व्यापारी कमीशन को लेकर नाराज, आंदोलन की चेतावनी

हिसार: हरियाणा में अनाज मंड़ियों में व्यापार करने वाले आढ़ती प्रदेश भर में हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं. हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने हिसार में व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक लेने के बाद सरकार पर जमकर भड़ास निकाली हैं, गर्ग ने आरोप लगाया है कि हर अनाज की सरकारी और प्राइवेट खरीद पर आढ़तियों को लगभग 30 सालों से 2.5 प्रतिशत कमीशन मिल रहा था. मगर यह सरकार आढ़तियां का कमीशन बंद व कम करने पर तुली हुई है. हरियाणा में 40 हजार के करीब ऐसे लोग है जो मंड़ियों में आढ़त के काम से जुड़े हुए है.

इनमें बड़े व्यापारियों के अलावा मुनीमी और अन्य काम करने वाले लोग भी शामिल है, ऐसे में अगर आढ़ती वर्ग कुछ बड़ा आंदोलन करता है, तो समस्या किसानों के समक्ष भी सकती है.हिसार में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने व्यापारी प्रतिनिधियों की बैठक लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत की. गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण मंडियों में आढ़तियों का व्यापार खत्म हो रहा है.

जबकि हर अनाज की सरकारी व प्राइवेट खरीद पर आढ़तियों को लगभग 30 सालों से 2.5 प्रतिशत कमीशन मिल रहा था. मगर यह सरकार आढ़तियां का कमीशन बंद व कम करने पर तुली हुई है. जबकि 30 सालों में महंगाई पहले से कई गुना बढ़ चुकी है. कमीशन कम होने की बजाय बढ़ाना चाहिए था.

कलेक्टर रेट रिवाईज करे सरकार
प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि अनाज चाहे सरकारी एजेंसी खरीदे या मिलर खरीदें हर अनाज पर आढ़ती को पहले की तरह 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलना चाहिए. जब की सरकारी खरीद सरसों पर 1 प्रतिशत, मूंग पर .75 प्रतिशत और कपास पर कोई कमीशन नहीं है, जो उचित नहीं है. मंडियों में काम ना होने के कारण मंडियों में दुकानों की कीमत आधी हो गई. जबकि मंडियों में दुकान का सरकारी कलेक्टर रेट से लगभग 65 प्रतिशत कीमत की दुकानों का रेट रह गया है. हरियाणा सरकार को सरकारी कलेक्टर रेट में 35 प्रतिशत की कटौती करनी चाहिए. यहां तक हरियाणा मार्केट बोर्ड ने हरियाणा में जहां-जहां भी मंडी की दुकानों की बोली पर बेचनी चाही वहां पर मंडियों में दुकानों का कोई भी खरीदार नहीं आया.

किसानों की समस्याएं भी गिनवाई
बातचीत के दौरान व्यापारी नेता बजरंग गर्ग ने किसानों से मुददे भी गिनवाएं. उन्होंने किसानों के समक्ष का रही दिक्कतों के बारे में कहा कि सरकारी एजेंसियों द्वारा कपास, धान, बाजरा की खरीद ना करने से भी किसान बहुत ज्यादा दु:खी है. जबकि प्रदेश में बारिश होने के कारण भी किसान की फसल खेत व मंडियों में भीगने के कारण भी खराब हो गई है. सरकार को किसान की खराब फसल का तुरंत प्रभाव से मुआवजा देना चाहिए.

सरकार समझ जाएं, नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे
बैठक के दौरान सरकार को हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है, तो प्रदेश के 40 हजार आढ़ती वर्ग के कर्मचारी सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने से गुरेज नहीं करेंगे.

आपकों बता दें कि हरियाणा का आढ़ती वर्ग आॅनलाइन ट्रेडिंग को लेकर पहले भी विरोध करता आया है. बीते दिनों सरकार ने सरसों की खरीद डॉयरेक्ट की थी, जिससे भी व्यापारी वर्ग खफा था. अब कमीश्न को लेकर एक बार फिर से व्यापारी वर्ग लामबंद होने की रणनीति बना रहा है, देखना होगा कि सरकार इस पूरे मसले से कैसे निपटती है.

Trending news