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डर के मारे पिता नहीं दिलवा रहे थे रेसिंग बाइक, हरियाणा के इस छोरे ने नेशनल में कमाया नाम

हरियाणा (Haryana) के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का डंका ओलपिंक जैसे खेलों में बजा कर पूरे देश का नाम रोशन करने का काम किया है.

डर के मारे पिता नहीं दिलवा रहे थे रेसिंग बाइक, हरियाणा के इस छोरे ने नेशनल में कमाया नाम
अभिमन्यु गौतम ने हाल ही में नेशनल प्रतियोगिता में दूसरे नंबर का खिताब हासिल किया है.

हिसार। कुश्ती के दंगल की बात हो या फिर कबड्डी के खेल में सामने वाले खिलाड़ी को रेड के जरिए फांसने का जिक्र, हरियाणा (Haryana) के खिलाड़ियों का कोई सानी नहीं है. ओलंपिक जैसे खेलों में अपनी धाक जमाने के बाद अब हरियाणा के युवा ऐसे खेलों में भी दम दिखाने लगे हैं जिनका दूर—दूर तक हरियाणा से ज्यादा वास्ता नहीं रहा है. ऐसे ही कुछ हटके सोच रखने वाला है हरियाणा के हिसार का छोरा अभिमन्यु गौतम. 23 साल के ​अभिमन्यु गौतम (Abhimanyu Gautam) मोटरसाइकिल रेसिंग (Bike Racing) में अपना दम दिखाते हुए हाल ही में नेशनल प्रतियोगिता में दूसरे नंबर पर रहकर खिताब जीत चुके हैं. 

अभिमन्यु गौतम उत्तर भारत के ऐसे पहले बाइक रेसर हैं, जिन्होंने नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में अपना डंका बजाया है. प्रतियोगिता में अभिमन्यु के इसी प्रदर्शन के आधार पर इनका चयन नोएड़ा के बुद्धा इंटरनेशनल ट्रैक पर 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक होने वाले मुकाबले के लिए हुआ है. इससे पहले भी अभिमन्यु रेसिंग के कई मुकाबलों में अपना लोहा मनवा चुका हैं. 

हरियाणा में नहीं कोई रेसिंग ट्रैक
हरियाणा में मोटरसाइकिल रेसिंग के लिए कोई ट्रैक नहीं है लेकिन फिर भी उनका जोश काबिलेतारिफ है. अभिमन्यु गौतम ने जी मीडिया से बातचीत में बताया कि कुछ घंटों की प्रेक्टिस के लिए चेन्नई 4 से 5 दिन का सफर तय करके पहुंचते थे. हालांकि रेसिंग का शौक तो उन्हें बचपन से ही था, लेकिन जब ​वो दिल्ली में एक यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे तो 21 साल की उम्र में उन्होंने प्रैक्टिस वहां शुरू कर दी. आज अभिमन्यु गौतम ने नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हरियाणा का डंका बजाया है और एशियन मुकाबले के लिए उनका चयन हुआ है. अभिमन्यु की इस उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी ट्वीट कर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. 

बाइक दिलवाने से पिता ने कर दिया था इनकार 
अभिमन्यु के माता-पिता अपने बेटे की इस उपलब्धि से का उत्साहित हैं. अभिमन्यु के पिता अशोक गौतम हिसार के एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग में बतौर एईटीओ कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि वो जब बाइक की जिद करता था, तो मैं उसे डांट कर मना कर दिया करता. दरअसल, मुझे रेसिंग के उसके शौक से डर सा लगता था. इतना ही नहीं, अभिमन्यु का विदेश की एक यूनिवर्सिटी में दाखिला हो गया था, लेकिन उन्होंने वहां उसे इसलिए नहीं भेजा कि वहां जाकर कहीं रेसिंग ना करने लगे और उसे कोई नुकसान ना हो जाए.

अभुमन्यु का सपना है मोटो जी रेस में भारत के नाम खिताब हासिल करने का. अपने सपने का जिक्र करते हुए अभिमन्यु ने कहा कि वह इंटरनेशनल मोटो जी रेसिंग के मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं. प्रतियोगिता में जीत कर देश का नाम रोशन करना उनका सपना है.