ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज

याचिकाकर्ता जहीर अहमद ने जनहित याचिका दायर कर सवाल उठाया था कि बगैर डॉक्टरों के परामर्श के लाखों दवाएं इंटरनेट के जरिए बिना किसी नियम-कानून के बेची जा रही हैं. 

ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई आज
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले के खिलाफ ऑनलाइन फार्मेसी की ओर से दायर अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कहा था कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के नियंत्रण को लेकर जब तक दिशा-निर्देश तैयार नहीं हो जाते, तब तक अदालत का रोक को लेकर दिया गया आदेश प्रभावी रहेगा. चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की पीठ ने कहा था कि एक बार नियम तैयार हो जाएं, उसके बाद ऑनलाइन फार्मेसी दवाओं की बिक्री कर सकती है. समस्या यह है कि इसे नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं है.

आपको बता दें कि याचिकाकर्ता जहीर अहमद ने ऑनलाइन दवाओं को बिक्री को लेकर जनहित याचिका दायर कर सवाल उठाया था कि बगैर डॉक्टरों के परामर्श के लाखों दवाएं इंटरनेट के जरिए बिना किसी नियम-कानून के बेची जा रही हैं. इससे मरीज की जान को तो खतरा होता ही है, साथ ही डॉक्टरों के लिए भी बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है. जिसके बाद ऑनलाइन फार्मेसी की तरफ से दायर अर्जी में दवाओं की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई है.

अर्जी में दलील दी गई है कि उन्होंने इसके लिए लाइसेंस लिया है और ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कोई दवा अवैध तरीके से नहीं बेची जा रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि डॉक्टरों की लिखी दवाओं को ही ऑनलाइन बेचा जा रहा है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन की ओर से 31 जनवरी 2019 तक ड्रग एंड केमिस्ट अमेंडमेंट रूल्स 2018 को अधिसूचित करने तक ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.