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हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार, कहा: आपने डेरा अनुयायियों के आगे घुटने टेक दिए

अदालत ने कहा कि पंचकूला में डेरा अनुयायियों का बड़े पैमाने पर एकत्र होना और उन्हें खाली कराने के लिये कार्रवाई का अभाव 'राजनैतिक आत्मसमर्पण' था.

हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार, कहा: आपने डेरा अनुयायियों के आगे घुटने टेक दिए
राम रहीम को रेप का दोषी करार देने के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा में उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी. (PHOTO : PTI/25 August, 2017)

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलात्कार के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराये जाने के बाद राज्य में कल शुरू हुई हिंसा के लिये मनोहर लाल खट्टर सरकार को शनिवार (26 अगस्त) को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने कहा कि 'राजनैतिक कारणों' से राज्य सरकार ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के अनुयायियों के आगे 'आत्मसमर्पण' कर दिया. विशेष सुनवाई में अदालत की पूर्ण पीठ ने डेरा के अनुयायियों की 'रक्षा' करने और उन्हें राजनैतिक संरक्षण देने के लिये मुख्यमंत्री को जमकर लताड़ लगाई.

अदालत ने कहा कि भाजपा सरकार ने लगता है 'राजनैतिक कारणों से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है.' पंचकूला में सीबीआई अदालत के बलात्कार के मामले में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराने के बाद डेरा समर्थकों के समूचे हरियाणा में हिंसा करने के एक दिन बाद अदालत ने कहा, 'यह वोट बैंक की खातिर राजनैतिक आत्मसमर्पण था.' इस हिंसा में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं. कई स्थानों पर कर्फ्यू लगाया गया है.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस सिंह सारों, न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ पंचकूला निवासी एक व्यक्ति की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और कहा कि डेढ़ लाख से अधिक लोग निषेधाज्ञा के बावजूद कथित तौर पर जिले में घुस गए. उच्च न्यायालय ने खट्टर के शुक्रवार (25 अगस्त) के बयान का भी संज्ञान लिया जिसमें उन्होंने हिंसा के लिये असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया था. यह हिंसा पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में भी फैल गई थी. 

पीठ ने कहा, 'सीबीआई अदालत के फैसले के बाद तत्काल आपको जानकारी मिल गई कि असामाजिक तत्व अनुयायियों में मिल गए. लेकिन आप इस बात का संज्ञान लेने में कैसे विफल रहे कि पंचकूला में बड़ी संख्या में डेरा अनुयायी पहुंच गए हैं.' अदालत ने कहा कि पंचकूला में डेरा अनुयायियों का बड़े पैमाने पर एकत्र होना और उन्हें खाली कराने के लिये कार्रवाई का अभाव 'राजनैतिक आत्मसमर्पण' था.

अदालत ने डेरा के अपनी संपत्तियों का अंतरण करने, बेचने या किराये पर देने पर भी रोक लगा दी. अदालत ने उससे अपनी चल और अचल संपत्तियों की सूची सौंपने को कहा. उसने पंजाब एवं हरियाणा सरकार से भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिये अपनी योजना सौंपने को कहा और समूचे पंजाब एवं ह​रियाणा में उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे हिंसा की वजह से हुई किसी भी क्षति के लिये मुआवजा के लिये दावा आमंत्रित करें.

पीठ ने राज्य सरकार से कहा कि डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय को साफ करने की कोई योजना है तो वह उसे बताए. अदालत ने सिरसा से पंचकूला में अदालत जाने के दौरान डेरा प्रमुख के काफिले में वाहनों की संख्या के बारे में गलत सूचना देकर 'गुमराह' करने के लिये भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की. डेरा प्रमुख के पास पहले 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा थी. वह वाहनों के बड़े काफिले के साथ अदालत पहुंचे थे. उस काफिले में डेरा प्रमुख के सुरक्षा गार्ड और कई अनुयायी भी थे. अदालत ने हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन से भी पूछा क्या कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा और अनिल विज ने डेरा को 50—50 लाख रुपये दिये.

पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने अदालत में कहा कि राज्य में 51 घटनाएं हुईं जिसके लिये 39 प्राथमिकियां दर्ज की जा रही हैं. डेरा सच्चा सौदा के राज्यस्तर के पदाधिकारी गुरदेव सिंह समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन ने बताया कि राज्य में 32 लोगों की मौत हुई है. इसमें से 28 लोगों की पंचकूला में मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इन 28 शवों में से एक की पहचान हुई है. उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि पंचकूला में 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि 24 वाहन, पांच पिस्तौलों के साथ 79 चक्र गोलियां और दो राइफलों के साथ 52 चक्र गोलियां बरामद की गईं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा लोहे की छड़ें, बेंत, हॉकी स्टिक और 10 पेट्रोल बम जब्त किये गए.

अदालत ने सरकार से कहा कि वह एक क्षेत्रीय दैनिक में प्रकाशित एक रिपोर्ट की जांच करे जिसमें आरोप लगाया गया है कि डेरा के पांच नेताओं ने कथित तौर पर अनुयायियों को जुटाया और उन्हें भड़काया. पीठ ने निर्देश दिया कि अगर रिपोर्टर अपनी खबर पर अडिग रहता है तो उकसाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए. अदालत ने शुक्रवार (25 अगस्त) को डेरा से अपनी संपत्तियों की सूची सौंपने को कहा था जिसे संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में उसके अनुयायियों के जिम्मेदार पाए जाने की स्थिति में जब्त किया जा सकता है. मामले पर अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी.