हिसार: GJU में चल रहे कुश्ती के महादंगल में उत्तर भारत का दबदबा, फाइनल पर सभी की नजरें

हिसार के गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में चल रही ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेस्लिंग फ्री स्टाइल व मैन ग्रीको रोमन चैंपियनशिप का मुकाबला आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है. 

हिसार: GJU में चल रहे कुश्ती के महादंगल में उत्तर भारत का दबदबा, फाइनल पर सभी की नजरें
हिसार के जीजेयू में चल रहे मुकाबले की तस्वीरे.

हिसार: हिसार के गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में चल रही ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेस्लिंग फ्री स्टाइल व मैन ग्रीको रोमन चैंपियनशिप का मुकाबला आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है. अच्छी बात यह है कि अभी तक के मुकाबलों में उत्तर भारत का दबदबा देखने को मिल रहा है. कुश्ती के इस महादंगल में 50 प्रतिश्त मुकाबले संपन्न हो चुके है. जीजेयू के स्पोर्टस डॉयरेक्टर डॉ शशि भूषण लूथरा ने कहा कि हरियाणा के हिसार के जीजेयू में चल रहे कुश्ती के महादंगल यानि ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेस्लिंग फ्री स्टाइल व मैन ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में मुकाबलों की रोचता वैसे-वैसे बढ़ती जा रही है, जैसे- जैसे कुश्ती का यह महादंगल समापन की दिशा में बढ़ रहा है.

कुश्ती के इस महादंगल में अलग-अलग वेट के 50 प्रतिश्त मुकाबले संपन्न हो चुके है. यानि 20 वेट कैटेगरी में से 10 समापन हो गए है. अभी तक के परिणामों में उनका कहना है कि उत्तर भारत के पहलवानों का दबादबा देखने को मिला है, लेकिन फाइनल में क्या रहेगा यह रोचकता अभी बरकरार है.

नामीं कोच भी पहुंचे, अपने अनुभव सांझा किये
कुश्ती के इस महामुकाबले में कई नामीं कोच भी पहुंचे है. जी मीडिया ने पहलवान सुशील कुमार को कुश्ती की बारिकी समझाने वाले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, यूपी के कोच डॉ जबर सिंह सोम से भी बातचीत की. डॉ जबर सिंह जीजेयू में अपनी यूनिवर्सिटी के पहलवान लेकर यहां पहुंचे थे, उन्होंने कहा कि पहवान के लिए मेहनत बहुत जरूरी है, साथ ही साधन और साधना ही एक पहलवान की कामयाबी का राज होता है.पहलवान की सफलता का मूल मंत्र चरित्र और मेहनत ही है. उन्होंने पहलवान सुशील की परफोर्मेंस के बाद अन्य पहलवानों में कैसे मेडल लाने का कांफिडेंस आया, इसका भी जिक्र किया.

इसके अलावा प्रतियोगिता में मिल रही सुविधाओं को लेकर पहलवान बजरंग पूनियां को दांव पेंच सिखाने वाले कोच वीरेंद्र सिंह दलाल का कहना है कि यहां बेहतर सुविधाएं मिल रही है. उन्होंने कहा कि थोड़ी बहुत कमियां तो हमारे घर में भी होती है, लेकिन जितना यूनिवर्सिटी ने किया है वो काबिलेता​रीफ है. कोच वीरेंद्र सिंह का कहना था कि पहलवान आज की टेक्निक को ग्रॉस लेवल से जीवन में धारण करें, तभी उसे कंपीटिशन के इस दौर में कामयाबी मिलेगी.

आब्र्जवर​ बोले, तमाम पहलुओं की रिपोर्ट तैयार करेंगे
वहीं इस पूरी प्रतियोगिता की देखरेख के लिए एआईएयू के आॅब्जवर्र राजेंद्र सिंह खत्री से भी हमने बातचीत की. उनका कहना था कि यहां पहलवानों को किस तरह की सुविधाएं मिली रही है, उसका वो मूल्यांकन कर रहे है. भविष्य में इस प्रकार की बड़ी प्रतियोगिता को लेकर क्या कदम उठाने चाहिए, उनके बाबत भी वो रिपोर्ट एआईएयू के मुख्यालय को बनाकर देंगे. साथ ही उन्होंने जोड़ा कि जीेजेयू में चल रही ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेस्लिंग फ्री स्टाइल व मैन ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में कोई खामीं अभी तक नहीं मिली है.

यह रहे परिणाम
खेल निदेशक डॉ. एस.बी. लुथरा ने बताया कि अखिल भारतीय अंतर्विश्वविद्यालय कुश्ती फ्री स्टाइल एंड ग्रीको रोमन पुरुष चैम्पियनशिप के दूसरे दिन फ्री स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में 57 किलोग्राम, 65 किलोग्राम व 79 किलोग्राम भार वर्ग में तथा ग्रीको रोमन प्रतियोगिता में 55 किलोग्राम, 77 किलोग्राम व 97 किलोग्राम भारवर्ग में 450 से अधिक मुकाबले हुए. उन्होंने बताया कि फ्री स्टाइल कुश्ती में 61 किलोग्राम भारवर्ग में सीडीएलयू सिरसा के अनिल कुमार ने गोल्ड मैडल हासिल किया. पीएएच विश्वविद्यालय, सोलापुर के अटकले बजरंग ने सिल्वर मैडल प्राप्त किया. डा. बीएसएएम विश्वविद्यालय महाराष्ट्र के कोकटे सूरज तथा सीआरएसयू जींद के अंकित सिहाग ने ब्रॉन्ज मैडल हासिल किया.

फ्री स्टाइल कुश्ती में 70 किलोग्राम भारवर्ग में कुरूक्षेत्रा विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्रा के विकास ने स्वर्ण पदक तथा महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक के विशाल ने रजत पदक हासिल किया. ओपीजेएस चूरू के सिकन्द्र बूरा तथा डा. बीएसएएम विश्वविद्यालय महाराष्ट्र के शुबम थोरट ने कांस्य पदक हासिल किया.

फ्री स्टाइल कुश्ती में 74 किलोग्राम भारवर्ग में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक के प्रवीण ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया. वीबीएसपी जोनपुर के मूकुल मिश्रा ने रजत तथा पीएएचएस विश्वविद्यालय महाराष्ट्र के किशोल सपनिल व कुरूक्षेत्रा विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के प्रतिक ने कांस्य पदक प्राप्त किया. विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. अनिल कुमार पुंडीर ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. सत्या सावन्त तथा आबकारी एवं कराधान अधिकारी डा. पूनम प्रिनीता को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया.

आपकों बता दें कि ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेस्लिंग फ्री स्टाइल व मैन ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में 168 विश्वविद्यालयों के 1500 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता का समापन 18 नवंबर को होगा, जिसमें विजेता पहलवानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा.