प्रदूषण को देखते हुए जरूरत पड़ी तो ऑड-ईवन आगे भी बढ़ाया जा सकता है : अरविंद केजरीवाल

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और सीपीसीबी से ऑड-ईवन शुरू होने 4 नवंबर से लेकर 14 नवंबर तक का प्रदूषण का डाटा मांगा है.

प्रदूषण को देखते हुए जरूरत पड़ी तो ऑड-ईवन आगे भी बढ़ाया जा सकता है : अरविंद केजरीवाल
(फोटो साभार - ANI)

नई दिल्ली: राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो ऑड-ईवन (Odd-Even) आगे भी बढ़ाया जा सकता है. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ऑड-ईवन के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने संजीव कुमार की याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया. याचिका में कहा गया कि दिल्ली सरकार का ऑड ईवन लागू करने का फैसला असंवैधानिक, मनमाना, शक्तिका दुरुपयोग है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और सीपीसीबी से ऑड-ईवन शुरू होने 4 नवंबर से लेकर 14 नवंबर तक का प्रदूषण का डाटा मांगा है. इसके अलावा पिछले साल अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक का भी डाटा मांगा गया है. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करेगा. 

दिल्ली में वायु की गुणवत्ता 'खतरनाक' स्तर पर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी बुरा हाल
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की सुबह एक बार फिर प्रदूषण भरे वातावरण के साथ हुई. राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता (AQI) गंभीर श्रेणी में रहा. दिल्ली के कई इलाकों में सुबह से ही स्मॉग का असर दिखाई दिया. पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, तीस हजारी में स्मॉग की वजह से गाड़ियों की रफ्तार धीमी रही.

वहीं दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा के फरीदाबाद में भी आलम कुछ ऐसा ही रहा. राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता 467 दर्ज की गई जो कि खतरनाक/गंभीर श्रेणी में है. दिल्ली के लोधी रोड में पीएम-10 की मात्रा 303 और पीएम-2.5 का स्तर 406 दर्ज किया गया. वहीं नोएडा की बात करें तो यहां पीएम 10 का स्तर 539 और पीएम 2.5 का लेवल 572 दर्ज किया गया जो की खतरनाक स्तर  पर है. ग्रेटर नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 458 दर्ज किया गया. यहां पीएम 10 का लेवल 424 और पीएम 2.5 का लेवल 458 रहा.