...तो सड़कों पर दौड़ते दिखेंगे चालक रहित ई-रिक्शा, घर तक छोड़ेंगे सवारी

इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) एक ऐसा चालक रहित शटल बनाने पर काम कर रहा है जो शहरी लोगों को उनके घरों तक की यात्रा सुविधा मुहैया कराएगा.

...तो सड़कों पर दौड़ते दिखेंगे चालक रहित ई-रिक्शा, घर तक छोड़ेंगे सवारी
थ्री डी मैप के जरिए सड़कों पर चलेंगे चालक रहित ई-रिक्शा (फाइल फोटो)
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दिल्ली: इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) एक ऐसा चालक रहित शटल बनाने पर काम कर रहा है जो शहरी लोगों को उनके घरों तक की यात्रा सुविधा मुहैया कराएगा. यह वाहन (इलेक्ट्रिक रिक्शा) पहले से तय मार्गों पर चलेगी. यह सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर में चलेगी और भविष्य में सार्वजनिक वाहन के तौर पर मेट्रो की तरह परेशानी रहित सुविधा मुहैया कराएगी. यदि यह परीक्षण सफल होता है तो भविष्य में संभव है कि आपको चालक रहित रिक्शा सड़क पर दौड़ते नजर आ जाएं.

2016 में शुरू हुई थी परियोजना
इस परियोजना की देख-रेख करने वाले आईआईआईटी दिल्ली के इंफोसिस सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अध्यक्ष मयंक वत्स ने कहा, “यह वाहन खुद से बाधाओं की गणना करेगा, लेन नियम का पालन करेगा, ट्रैफिक सिग्नल को पढ़ेगा, वाहन की स्पीड को ध्यान में रखेगा और इसका नौवहन एक थ्री डी मैप के जरिए होगा.” उन्होंने बताया कि यह परियोजना साल 2016 के अप्रैल में शुरू हुई थी.

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मयंक ने कहा कि आने-जाने के लिए ई रिक्शा का बहुत उपयोग किया जाता है. हम फिलहाल चालक रहित ई रिक्शा बनाते हुए इसका आईआईआईटी दिल्ली कैंपस में प्रयोग कर रहे हैं. यहां परीक्षण सफल होने पर आगे के कदम तय किए जाएंगे.

लागत कम करने के लिए उठा रहे ये कदम
प्रति शटल लागत कम रखने के लिए, टीम अत्याधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों का लाभ उठाने की भी योजना बना रही है. जो इन सभी शटल के लिए आवश्यक हार्डवेयर की लागत को कम करने में सक्षम बनाती है.

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चालक रहित ई-रिक्शा को बनाने में लगी इस टीम में डॉ. संजित कौल, डॉ. साकेत आनंद और डॉ. पीबी सुजीत के साथ ही पीएचडी के कई छात्र भी शामिल हैं.

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