सोनिया गांधी संसद में कुछ नहीं बोलीं और राजघाट पर शांतिमार्च कर रही हैं: शिवराज

बीजेपी उपाध्यक्ष ने कहा कि ममना बनर्जी, कमलनाथ और अशोक गहलोत को इस्तीफा दे देना चाहिए.

सोनिया गांधी संसद में कुछ नहीं बोलीं और राजघाट पर शांतिमार्च कर रही हैं: शिवराज
नागरिकता संशोधन कानून पर चंडीगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने की प्रेसवार्ता.

चंडीगढ़: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर इस भारी सर्दी में कांग्रेस और प्रतिपक्ष देश की एकता में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती. ये कहना है बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का. उन्होंने कहा कि जब यह बिल लोकसभा में आया तो सोनिया गांधी ने संसद में मौजूद रहने के बावजूद इस पर क्यों कुछ नहीं बोला, क्यों डिबेट में हिस्सा नहीं लिया ? अब जब यह बिल संसद के दोनों सदनों में पास होकर कानून बन गया है तो उसके बाद हो हल्ला क्यों?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के शान्ति मार्च पर कटाक्ष करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र की सूची वाले नागरिकता कानून के बारे क्या कोई संवैधानिक निर्वाचित मुख्यमंत्री को इसका विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है? अगर वे इसका विरोध करना चाहते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

कमलनाथ, ममता और गहलोत को इस्तीफा दे देना चाहिए
शिवराज सिंह ने कहा विपक्षी दल के मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, मध्यपदेश के कमलनाथ, राजस्थान के अशोक गहलोत अधिनियम का विरोध कर रहे हैं, जो पूरी प्रक्रिया के बाद संसद द्वारा पारित किया गया है. उन्होंने सवाल किया, कि एक मुख्यमंत्री, जिनका कर्तव्य भारत के संविधान के तहत पारित कानूनों को बनाए रखना है, कानून का विरोध कैसे कर सकते हैं? उन्होंने मांग की कि अगर वे देश की संसद द्वारा पारित किए गए कानूनों के खिलाफ विरोध करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले इस्तीफा दे देना चाहिए.

सोनिया गांधी ने क्यों हिंसा की निंदा नहीं की
चौहान ने कहा कि प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला मैदान में नहीं कर सकते इसलिए लोगों में उनके खिलाफ भ्रम फैला रहा है और झूठी अफवाहों को हवा दे रहा है. सोनिया गांधी ने क्यों हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा नहीं की. नागरिकता संशोधन विधेयक नागरिकता देने का कानून है. नागरिकता लेने का नहीं. इस कानून से किसी का कोई भी नुक्सान नहीं हो सकता, बल्कि ये कानून तो पड़ोसी देशों से आये धार्मिक प्रताड़ना के ग्रसित लोगों को मानवता के नाते नागरिकता प्रदान करने के लिए है. मानवता पर जब कभी किसी पर भी ऐसा संकट आया है तो भारत ने हमेशा बाहें फैला कर उसका स्वागत किया है.

NPR का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नेशनल जनसंख्या रजिस्टर का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है. यह विपक्ष की गैरजिम्मेदाराना व्यवहार की पराकाष्ठा है. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) भाजपा सरकार द्वारा नहीं बनाया गया था, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने 2010 में पारित किया था जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे. चूंकि कांग्रेस और विपक्षी दलों के पास प्रधानमंत्री मोदी को लेने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस देश की जनता को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार और गलत सूचना का इस्तेमाल कर रहे हैं.
 
सरकार क्या गलत कर रही है?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून किसी भी तरह से भारत में रहने वाले किसी भी नागरिक के खिलाफ नहीं है. देश की आजादी के तुरंत बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रह गए हिन्दुओं और हिंदुस्तान के मुसलमानों का हिन्दुस्तान आने का हक है तथा सरकार को उनकी सुरक्षा  और सम्मान का ध्यान रखना होगा. उसी आधार पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश अपने अपने देशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों की रक्षा करेंगे, जिस पर हिंदुस्तान ने अपना वचन निभाया जबकि पाकिस्तान अपने यहां अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम  रहा है. धर्म के आधार पर लोग प्रताड़ित किये गए, धर्मांतरण किया गया, धार्मिक आधार पर प्रताड़ित भाई और बहन जो सुरक्षित नहीं है, वे भारत आये. उनको सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार देकर सरकार क्या गलत कर रही है.

उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि भारतीय जनता पार्टी 5 जनवरी तक देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में रैलियां करके लोगों को नागरिकता संशोधन एक्ट के बारे में सही जानकारी से अवगत कराएगी और इस बारे फैलाई जा रही अफवाहों का खुलासा करेगी. प्रेसवार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर, महासचिव चंद्रशेखर और मीडिया प्रभारी रविंद्र पठानिया भी उपस्थित रहे.