INX मीडिया केस: खत्म नहीं हो रही चिदंबरम की परेशानी, 24 अक्टूबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया मामले (INX Media case) में चिदंबरम की न्यायिक हिरासत (Judicial custody) 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी है

INX मीडिया केस: खत्म नहीं हो रही चिदंबरम की परेशानी, 24 अक्टूबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम (P Chidambaram) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने गुरुवार को आईएनएक्स मीडिया मामले (INX Media case) में चिदंबरम की न्यायिक हिरासत (Judicial custody) 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. चिदंबरम (Chidambaram) तब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में रहेंगे. ईडी (ED) के साथ ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में भी चिदंबरम की हिरासत को बढ़ा दिया गया है. कोर्ट में ईडी की तरफ से चिदंबरम की रिमांड (remand) की मांग की गई थी. ईडी ने कहा- हिरासत में लेकर में पूछताछ करना जरूरी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया था.

इससे पहले सीबीआई ने चिदंबरम (Chidambaram) की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत बढाने की मांग की थी. सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अब तक सीबीआई (CBI) केस में चिदंबरम को जमानत नहीं मिली और आज उनकी न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है लिहाजा न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए. सीबीआई के बाद ईडी (ED) की रिमांड अर्जी पर सुनवाई हुई थी. पी चिदंबरम को दोपहर करीब 3 बजे रॉउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में पेश किया गया था.

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आपको बता दें कि बुधवार को कोर्ट ने कांग्रेस नेता चिदंबरम (Congress leader Chidambaram) के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट (व्यक्तिगत पेशी) जारी किया था. उन्हें आईएनएक्स मामले (INX Media case) में गुरुवार अदालत में पेश होने को कहा था. विशेष अदालत ने तिहाड़ जेल (Tihar Jail) अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि वह गुरुवार को 3 बजे चिदंबरम (Chidambaram) को अदालत (Court) में पेश करें. इससे पहले मंगलवार को विशेष अदालत ने ईडी (ED) के तीन अधिकारियों को आईएनएक्स मीडिया (INX media) भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम से पूछताछ की अनुमति दी थी.

गौरतलब है कि ईडी (ED) ने चिदंबरम के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया समूह (INX media group) को 2007-08 में मिली विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति में अनियमितता के लिए 2017 में पीएमएलए (PMLA) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था.