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रेहड़ी-पटरीवालों को केजरीवाल सरकार ने दिया कानूनी दर्जा, MCD को 1 महीने में सर्वे पूरा करने को दिए निर्देश

अब MCD पूरे शहर में में रेहड़ी-पटरी वालों का सर्वे करेगी सर्वे के बाद रेहड़ी पटरी वालों को सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग दिया जाएगा, 

रेहड़ी-पटरीवालों को केजरीवाल सरकार ने दिया कानूनी दर्जा, MCD को 1 महीने में सर्वे पूरा करने को दिए निर्देश

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार ने वर्षों से लंबित रेहड़ी-पटरी संचालकों को कानूनी दर्जा देने के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन कर दिया है. स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत इस कमेटी का गठन वर्षों से लंबित था. इस संबंध में दिल्ली सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. पूरी दिल्ली में 28 वेंडिंग कमेटी का गठन हुआ है. एक वेंडिंग कमेटी में 30 सदस्य हैं, जिनमें से 12 वेंडर है जो चुनाव प्रक्रिया से चुने गए हैं.

अब MCD पूरे शहर में में रेहड़ी-पटरी वालों का सर्वे करेगी सर्वे के बाद रेहड़ी पटरी वालों को सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग दिया जाएगा, जिसके आधार पर उन्हें बाद में टीवीसी के जरिए परमानेंट किया जाएगा. जिसके बाद उन्हें पुलिस और एमसीडी दुकान का संचालन करने से रोक नहीं सकती है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, कानूनी दर्जा न होने के कारण रेहड़ी-पटरीवालों को कई सारी एजंसियां परेशान करती रही हैं. इसके अलावा व्यवस्थित न होने के वजह से लोगों को ट्रैफिक गंदगी का भी सामना करना पड़ता है. इन दोनों ही समस्याओं से हमें दिल्ली में से ख़त्म करना है.

एक सप्ताह में सभी नगर निगम को करनी होगी TVC की पहली मीटिंग
दिल्ली सचिवालय में एक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने जानकारी देते हुए कहा, टाउन वेंडिंग कमेटी गठन का नोटिफिकेशन होने के बाद नगर निगम को रेहड़ी पटरी संचालकों का सर्वे करना होगा. कैबिनेट मंत्री सतेंद्र जैन  ने सोमवार को सभी निगमों के साथ बैठक कर एक सप्ताह में TVC की मीटिंग बुलाने को कहा और सर्वे प्रारंभ करने को कहा. साथ ही पूरी दिल्ली में एक माह में सर्वे का काम पूरा करने को कहा है.

कमेटी करेगी तय कहां होगा रेहडी पटरी का संचालन
सर्वे का काम पूरा होने के साथ ही वेंडरों को सर्टिफिकेट देने का काम भी पूरा हो जाएगा. सर्टिफिकेट में इस बात का जिक्र होगा कि रेहड़ी पटरी का संचालन कहां होगा. सर्टिफिकेट में संचालक की ओर से बेचे जाने वाले सामान की जानकारी भी होगी. साथ ही जोन और लोकेशन के बारे में विस्तार से डिटेल होगी. संचालक के नाम, पता समेत पूरी जानकारी भी होगी.

व्यवस्थित होने से दिल्ली के लोगों को भी होगा फायदा
कोई भी नया व्यक्ति अब बिना टाउन वेंडिंग कमिटी को अप्लाय किए कहीं भी नहीं बैठ पाएगा. टाउन वेंडिंग कमिटी जहां जगह होगी वहीँ पर नए लोगों को बिठाएगी जिससे पूरा सिस्टम व्यवस्थित होगा और ट्रैफिक की समस्या का भी समाधान होगा

इंटरनेशनल मानक के खोखे देने की योजना
दिल्ली सरकार की योजना है कि पूरी दिल्ली में रेहड़ी पटरी संचालकों को इंटरनेशनल मानक का खोखा दिया जाए. जिसमें सोलर लाइट की व्यवस्था हो. कूड़ेदान की व्यवस्था हो. उनका डिजाइन एक जैसा हो. जिससे  देखने में भी खुबसूरत लगें. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसपर अध्ययन हो रहा है कि इन खोखे का किस योजना के तहत रेहड़ी पटरी संचालकों को दिया जा सकता है तथा इसपर होने वाले खर्च पर भी अध्ययन हो रहा है.

सर्वे में यह ली जाएगी जानकारी

- दिल्ली में किस क्षेत्र में कितने रेहड़ी पटरी संचालक हैं.

- सभी रेहड़ी पटरी संचालक की विस्तृत जानकारी

- वह किस तरह के दुकान का संचालन कर रहे हैं.

- किस क्षेत्र में कितने दुकानों की आवश्यकता है.

- किन जगहों पर रेहड़ी पटरी का संचालन होना चाहिए.

हटाए गए रेहड़ी पटरी संचालक भी कर सकेंगे आवेदन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में पिछले कुछ साल में जिन रेहड़ी पटरी संचालकों को हटाया गया है, वह भी टाउन वेंडिंग कमेटी के पास आवेदन कर सकते हैं. साथ ही नए बाजार लगाने की इजाजत भी टाउन वेंडिंग कमेटी को ही देनी है. वेंडर कमेटी के पास ही यह सारा अधिकार होगा कि रेहड़ी पटरी को किन जगहों पर लगाया जाए. 

दिल्ली की लाइफ लाइन हैं रेहड़ी पटरी
मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा, किसी भी बड़े शहर में आज रेहड़ी पटरी लाइफ लाइन हो गई हैं . साथ ही यह शहर के विकास और रोजगार देने का बड़ा साधन बनकर उभरे हैं. हांगकांग जैसे दुनिया के बड़े शहरों में भी स्ट्रीट वेंडर्स हैं. वह विकास में बड़ा योगदान दे रहे हैं. साथ ही शहर की लाइफ लाइन बने हैं. दिल्ली में भी ऐसा ही है. यहां के लोगों की दैनिक आवश्यकता पूरी करने के साथ रेहड़ी पटरियों से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है. आलम यह है कि जक दिन के लिए भी रेहड़ी पटरी को हटा दिया जाए तो सब्जी से लेकर कई जरूरी सामना घर में आने बंद हो जाएंगे. एक तरह से सामान्य जन-जीवन ठप हो जाएगा. बहुत से जरूरी सामान के लिए लोगों को भटकना पड़ेगा.

दिल्ली पहला राज्य जिसने रेहड़ी पटरी संचालकों को दिया सम्मान
पूरे देश में दिल्ली पहला राज्य है, जिसने रेहड़ी पटरी संचालकों के सम्मान के विषय में सोचा और कानूनी रुप दिया. अभी तक यह व्यवस्था हांगकांग समेत दुनिया के कुछ बड़े शहरों में थी.

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन किया गया है. 28 कमेटियां पूरी दिल्ली में हैं. इन कमेटियों कै पास ही अब अधिकार होगा कि किस क्षेत्र में रेहड़ी पटरी लगाई जाए. पुराने या किसी जगह से हटाए गए रेहड़ी पटरी संचालक ही इसमें आवेदन कर सकते हैं. - श्री अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली