किडनी रैकेट: अपोलो के 3 डॉक्टरों से पूछताछ किये जाने की संभावना

दिल्ली पुलिस अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट संबंधित मामले में तीन चिकित्सकों से उनकी निगरानी में किये गये प्रतिरोपण सर्जरी के सिलसिले में पूछताछ कर सकती है। मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

नयी दिल्ली: दिल्ली पुलिस अपोलो अस्पताल में किडनी रैकेट संबंधित मामले में तीन चिकित्सकों से उनकी निगरानी में किये गये प्रतिरोपण सर्जरी के सिलसिले में पूछताछ कर सकती है। मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रैकेट सरगना राजकुमार राव से पूछताछ के दौरान इन तीन चिकित्सकों को नाम सामने आया है। राजकुमार राव कई राज्यों में कथित तौर पर यह कारोबार चला रहा था और ऐसा माना जा रहा है कि उसके संबंध अन्य देशों में इसी तरह के रैकेट से हैं। तीन वरिष्ठ चिकित्सकों में से एक अभी अमेरिका में है। वह गुरवार को लौटने वाला था लेकिन नहीं लौटा। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले चिकित्सक के दो निजी सहायकों को गिरफ्तार किया गया है। चिकित्सक की वापसी पर निगरानी रखने के लिए आईजीआई हवाई अड्डे पर एक पुलिस टीम को तैनात किया गया है।

जांच के दौरान, पुलिस को चिकित्सक के हस्ताक्षर वाले कोरे कागजात मिले हैं। चिकित्सक के सहायक इन कोरे कागजात का कथित तौर पर इस्तेमाल अस्पताल में किडनी प्रतिरोपण सर्जरी के लिए औपचारिकताएं पूरी करने के लिए करते थे। पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे वरिष्ठ चिकित्सक के एक निजी सहायक को हिरासत में लिया था और अब मामले मे चिकित्सक की भूमिका जांच के घेरे में है।

अधिकारी ने बताया कि राव से पूछताछ के बाद मामले मे तीसरे चिकित्सक की संलिप्तता को लेकर संदेह बढ़ गया है। पुलिस पहले से ही उसके सहायक की भूमिका की जांच कर ही है। पुलिस तीनों चिकित्सकों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज सकती है। इससे पहले इसी तरह के नोटिस अस्पताल के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को जारी किये जा चुके हैं जिसमें प्रतिरोपण सर्जरी के लिए 10 सदस्यीय आंतरिक मूल्याकंन समिति के प्रमुख भी शामिल थे। इस मामले में अब तक दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।