जब बिना सिक्‍योरिटी रूट के दिल्‍ली की सड़कों पर निकला पीएम मोदी का काफि‍ला, फंस गए 'जाम' में

पीएम मोदी के अनुसार 15 सितंबर को शुरू हुआ यह स्‍वच्‍छता अभियान पार्ट-2 गांधी जयंती तक चलेगा.

जब बिना सिक्‍योरिटी रूट के दिल्‍ली की सड़कों पर निकला पीएम मोदी का काफि‍ला, फंस गए 'जाम' में
फोटो ANI

नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' की शुरुआत करने के बाद दिल्ली केे पहाड़गंज स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर हायर सेकेंडरी स्‍कूल में पहुंचे. इस दौरान उनके काफिले के लिए कोई सेक्‍योरिटी रूट तय नहीं किया गया था. इसके चलते वह जाम में भी फंसे. स्‍कूल पहुंचकर पीएम मोदी ने वहां झाड़ू लगाकर स्‍वच्‍छता अभियान को आगे बढ़ाया.

 

इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्‍या में स्‍कूली बच्‍चे भी रहे. उन्‍होंने उनसे बातचीत भी की और उन्‍हें स्‍वच्‍छता के लिए प्रेरित किया. 

 

बता दें कि शनिवार सुबह ही पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' की शुरुआत की. इसके बाद वह दिल्‍ली के पहाड़गंज स्थित सरकारी स्‍कूल में पहुंचे. इस दौरान उनके काफिले के लिए कोई भी सेक्‍योटिरी रूट निर्धारित नहीं किया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था ताकि आम जनता को परेशानी ना हो. ऐसे में उन्‍हें रास्‍ते में जाम में फंसकर वहां जाना पड़ा.


जाम में फंसा पीएम मोदी का काफिला. फोटो ANI

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 15 सितंबर को देश में स्‍वच्‍छता अभियान पार्ट-2 की शुरुआत कर दी है. उन्‍होंने शनिवार को सुबह 9:30 बजे 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' का शुभारंभ किया. इस दौरान देश को संबोधित करते हुए उन्‍होंने देश में स्‍वच्‍छता के क्षेत्र में किए गए तमाम सरकारी प्रयासों को बताया.

LIVE: पीएम मोदी ने की 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' की शुरुआत
फाइल फोटो

उन्‍होंने कार्यक्रम में कहा कि स्‍वच्‍छता एक आदत है, इसे सभी को अपने स्‍वभाव में शामिल करना चाहिए. साथ ही लोगों से उन्‍होंने अपील की कि सभी को मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा 'चार वर्ष पहले शुरू हुआ स्वच्छता आंदोलन अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर आ पहुंचा है. हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि राष्ट्र का हर तबका, हर संप्रदाय, हर उम्र के मेरे साथी, इस महाअभियान से जुड़े हैं. गांव-गली-नुक्कड़-शहर, कोई भी इस अभियान से अछूता नहीं है.' 

उन्‍होंने कहा 'क्या किसी ने कल्पना की थी कि 4 वर्षों में 450 से ज्यादा जिले खुले में शौच से मुक्त हो जाएंगे? क्या किसी ने कल्पना की थी कि 4 वर्षों में 20 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश खुले में शौच से मुक्त हो जाएंगे? यह भारत और भारतवासियों की ताकत है.'

'स्‍वच्‍छता एक आदत है'
उन्‍होंने कहा 'सिर्फ शौचालय बनाने भर से भारत स्वच्छ हो जाएगा, ऐसा नहीं है. टॉयलेट की सुविधा देना, कूड़ेदान की सुविधा देना, कूड़े के निस्तारण का प्रबंध करना, ये सभी सिर्फ माध्यम हैं. स्वच्छता एक आदत है जिसको नित्य के अनुभव में शामिल करना पड़ता है. ये स्वभाव में परिवर्तन का यज्ञ है जिसमें देश का जन-जन, आप सभी अपनी तरह से योगदान दे रहे हैं.'

बीमारियां छीन रहीं जीवन
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि अस्वच्छता, गंदगी विशेषतौर पर हमारे गरीब के जीवन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है, उसे बीमारी के दलदल में धकेल देती है. डायरिया जैसी अनेक बीमारियों का सीधा संबंध गंदगी से है. ये बीमारियां लाखों जीवन हमसे छीन लेती हैं. हमें इस बात का संतोष होना चाहिए कि स्वच्छ भारत अभियान के चलते डायरिया के मामलों में बहुत कमी आई है