दिल्ली की अदालत ने मांस निर्यातक कुरैशी को न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली की एक अदालत ने विवादों में रहे मांस निर्यातक मोइन कुरैशी को दो हफ्ते के लिए शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुरैशी की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपना 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) एक हफ्ते के अंदर वापस लेने का निर्देश दिया. धन शोधन (मनी लाउड्रिंग) के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

दिल्ली की अदालत ने मांस निर्यातक कुरैशी को न्यायिक हिरासत में भेजा
अदालत ने कुरैशी को 22 सितंबर तक के लिए जेल भेज दिया और आरोपी की एक जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से 16 सितंबर तक जवाब भी मांगा है. (file-प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने विवादों में रहे मांस निर्यातक मोइन कुरैशी को दो हफ्ते के लिए शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुरैशी की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपना 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) एक हफ्ते के अंदर वापस लेने का निर्देश दिया. धन शोधन (मनी लाउड्रिंग) के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

क्या हुआ कोर्ट में ?
दरअसल, जांच एजेंसी ने दलील दी कि रिहा किए जाने पर कुरैशी जांच को प्रभावित कर सकते हैं. विशेष न्यायाधीश अरूण भारद्वाज ने कुरैशी को 22 सितंबर तक के लिए जेल भेज दिया और आरोपी की एक जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से 16 सितंबर तक जवाब भी मांगा है. कुरैशी की पुलिस हिरासत की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई थी. अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. 

ईडी के विशेष सरकारी वकील एनएके मट्टा ने अदालत से कहा कि इस मामले में हवाला के दो ऑपरेटरों के अलावा कई सारे सरकारी सेवकों और अन्य लोगों से पूछताछ बाकी है. यदि आरोपी को रिहा कर दिया गया तो वह चल रही जांच को प्रभावित कर सकते हैं. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कुरैशी हवाला लेनदेन में भी शामिल रहे हैं. निदेशालय के मुताबिक कुरैशी को यहां 25 अगस्त की रात धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले, पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं.

कुरैशी की पत्नी का लुक आउट नोटिस वापस लेने का निर्देश
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुरैशी की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपना 'लुक आउट सर्कुलर' (एलओसी) एक हफ्ते के अंदर वापस लेने का आज निर्देश दिया. कुरैशी के खिलाफ धन शोधन (मनी लाउंड्रिंग) के एक मामले की जांच के सिलसिले में उनकी पत्नी को तलब किया गया था. दरअसल, ईडी ने यह दलील दी कि वह इस शर्त के साथ एलओसी वापस लेने को तैयार है कि कुरैशी की पत्नी नसरीन कुरैशी जब कभी विदेश जाएंगी, वह इस बारे में सूचना देंगी. इसके बाद अदालत ने निर्देश जारी किया.

न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने कहा, 'यह अदालत अनुरोध को बेवजह नहीं मानती. यह निर्देश दिया जाता है कि एलओसी एक हफ्ते के अंदर वापस लिया जाए.' बहरहाल, अदालत ने फिलहाल नसरीन के इस अनुरोध पर विचार नहीं करने का फैसला किया कि उन्हें उस अपमान, मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा को लेकर 10 लाख रूपया का मुआवजा मिले, जिसका उन्होंने ईडी की कार्रवाई के चलते कथित तौर पर सामना किया है.

गौरतलब है कि कुरैशी को ईडी ने मनी लाउंड्रिंग के एक मामले के सिलसिले में अगस्त में गिरफ्तार किया था. उन्हें आज एक निचली अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया.