close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

METoo मामले में एमजे अकबर के मानहानि केस पर होगी कल सुनवाई

पिछली सुनवाई में एमजे अकबर कोर्ट में जिरह के दौरान अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को एक बार फिर से बेबुनियाद बताया था. 

METoo मामले में एमजे अकबर के मानहानि केस पर होगी कल सुनवाई
दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई होगी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मीटू प्रकरण को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की मानहानि मामले में दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी. दरअसल, एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है.

पिछली सुनवाई में एमजे अकबर कोर्ट में पेश हुए थे और जिरह के दौरान अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को एक बार फिर से बेबुनियाद बताया था. अकबर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक महिला पत्रकार के खिलाफ मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान कहा था कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं.

उन्होंने कोर्ट से कहा था कि महिला पत्रकार ने मेरे बारे में ट्वीट और लेखों के माध्यम से काफी कुछ कहा है. इन सबको सच कहना भी गलत है. जिरह के दौरान पत्रकार से राजनेता बने अकबर ने कहा था कि मैं न तो महिला पत्रकार को निशाना बनाना चाहता था और न ही उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना चाहता था. 

इससे पहले रमानी की वकील रेबेका जॉन ने अकबर से दर्जनों सवाल पूछे थे. ज्यादातर सवाल 1993 में रमानी को इंटरव्यू के लिए होटल में बुलाने से जुड़े हुए थे. अकबर ने इस आरोप को भी सिरे से खारिज किया था. 

रमानी की वकील ने अकबर से कहा था कि वह पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं. जॉन ने कहा था कि उन्होंने रमानी को न सिर्फ होटल के कमरे में बुलाया बल्कि उसे शराब भी ऑफर की थी. रमानी से यह तक पूछा गया था कि उन्हें हिंदी गाने पसंद है या अंग्रेजी. ऐसा इसलिए क्योंकि शराब ऑफर करते समय अकबर रमानी की पसंद का म्यूजिक लगाना चाहते थे.

इससे पहले कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए अकबर ने अपने पत्रकारिता करियर, लेखक होने के बारे में बताया था. अकबर ने कहा था कि बतौर पत्रकार मेरा करियर काफी लंबा रहा है, मैं काफी छोटी उम्र में ही संडे गार्जियन (कोलकाता) का एडिटर बन गया था. 

उन्होंने कहा कि मैंने दैनिक अखबार टेलिग्राफ से करियर की शुरुआत की थी. 1993 में एशियन एज का एडिटर बना और उसके बाद मैं संडे गार्जियन का एडिटर बन गया था. अकबर ने कहा था कि प्रिया रमानी के खिलाफ मैंने मानहानि का केस किया है, उन्होंने मेरे ऊपर आरोप लगाते हुए कई ट्वीट किए थे.

आपको बता दें कि मीटू के आरोपों का सामना कर रहे एमजे अकबर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. एमजे अकबर ने अपने इस्तीफे में कहा था कि उन्होंने न्याय के लिए व्यक्तिगत तौर पर केस दायर किया है. इसलिए अपने पद से हटकर खुद पर लगे झूठे आरोप का सामना करना चाहते हैं.

ट्विटर पर 'मी टू' अभियान के तहत एमजे अकबर के साथ करीब बीस साल पहले काम कर चुकीं पत्रकार प्रिया रमानी ने उन पर यौन दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाया था. अन्य महिलाओं ने भी इस अभियान के तहत ट्विटर पर ही अकबर पर ऐसे ही आरोप लगाए थे.