जाफराबाद में फ‍िर विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते चौकसी, आपराधिक छवि वाले लोगों पर नजर

खुफिया एजेंसी ने इन इलाकों में चौकसी बढ़ाई है और दिल्ली पुलिस को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन के दौरान सभी इलाको में वीडियोग्राफी और ड्रोन से नज़र रखने के निर्देश दिए हैं.

जाफराबाद में फ‍िर विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते चौकसी, आपराधिक छवि वाले लोगों पर नजर
(फोटो साभार - रॉयटर्स)

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act) को लेकर दिल्ली के जामिया और जाफराबाद-सीलमपुर हिंसा के बाद गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं. सूत्रों के मुताबिक खबर है कि पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, गोंडा, जफराबाद और नंदनगरी में आज भी नागरिक संसोधन एक्ट को लेकर प्रदर्शन की आशंका है.

खुफिया एजेंसी ने इन इलाकों में चौकसी बढ़ाई है और दिल्ली पुलिस को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन के दौरान सभी इलाको में वीडियोग्राफी और ड्रोन से नज़र रखने के निर्देश दिए हैं. ताकि हिंसा भड़काने वालो पर नज़र रखी जा सके.

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दिल्ली पुलिस को इन इलाकों में अतिरिक्त तैनाती के आदेश दिया गया है. खुफिया एजेंसी ऐसे आपराधिक छवि वाले लोगों पर नजर रख रही है जो माहौल बिगड़ सकते हैं. गृह सचिव ने दिल्ली के हालात पर पर मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस कमिश्नर और आईबी चीफ के साथ बैठक भी की थी जिसमे यर फैसले किये गए थे. सूत्रों की मानें तो जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लिया जा सकता है.

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नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ रविवार (15 दिसंबर) को हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (17 दिसंबर) को गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में 31 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैैं, जिनकी पुलिस ने एमएलसी कराई है. पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान कुल 14 बसों और 20 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. इस हिंसा में शामिल 47 लोगों को पकड़ा. पुलिस ने बताया कि रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में 67 आम नागरिकों को भी चोट पहुंची है.

दिल्ली पुलिस द्वारा गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में पुलिस ने कहा गया कि जामिया में असामाजिक तत्वों ने हिंसा फैलाई थी, हिंसा में ज्यादातर बाहरी लोग थे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिंसा में जामिया के छात्र शामिल नहीं थे. ऐसा बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह इस हिंसा के पीछे विदेशी साजिश की भी जांच कर रही है.

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दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने इस हिंसा में शामिल 40-50 बाहरी लोगों की जानकारी इकट्ठा करने में जुटी हैं. वहीं ऐसी भी खबर है कि देशभर में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में विदेशी ताकतों की भूमिका की भी जांच की जा रही है .

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ रविवार (15 दिसंबर) को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (17 दिसंबर) को 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक भी स्टूडेंट नहीं है. सभी आरोपी क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोग है और इनमे से 3 तो ऐसे लोग हैं जो इलाके के बीसी यानि बेड करेक्टर घोषित है.