पुलिस की आंख की किरकिरी बने नामी गैंगस्टर सुखप्रीत गिरफ्तार, भेजा गया रिमांड पर

नामी गैगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद मोहाली की जिला अदालत में पेश किया गया. यहां जज हरजिंदर कौर ने सुखप्रीत को 7 दिन के लिए यानि कि 30 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. 

पुलिस की आंख की किरकिरी बने नामी गैंगस्टर सुखप्रीत गिरफ्तार, भेजा गया रिमांड पर

चंडीगढ़: नामी गैगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद मोहाली की जिला अदालत में पेश किया गया. यहां जज हरजिंदर कौर ने सुखप्रीत को 7 दिन के लिए यानि कि 30 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पंजाब पुलिस के वकील ने कोर्ट को बताया कि गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा पर कई मामले दर्ज है. उसने गीतकारों और कारोबारियों से फिरौती मांगी. लेकिन पैसे को कलेक्ट कौन करता था वो जानना है इसके साथ ही बुड्ढा के राजस्थान और यूपी में भी कनेक्शन है उसके बारें में भी पूछताछ करनी है इसलिए 7 दिन का रिमांड दिया जाए.

कोर्ट को यह भी बताया गया कि सुखप्रीत बुड्ढा पर पंजाब ही नहीं अन्य राज्यो में भी मामले दर्ज है. सबके बारे में पूछताछ करने के लिए रिमांड दिया जाए. कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद सुखप्रीत बुड्ढा को 7 दिन के रिमांड पर भेज दिया है. बता दें गैंगस्टरों के विरुद्ध चलाई विशेष मुहिम के अंतर्गत एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए पंजाब पुलिस ने रात नामी गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह धालीवाल उर्फ बुड्डा को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ़्तार करने के लिए अरमेनिया से सफलतापूर्वक हवालगी प्राप्त की है.

दविन्दर बम्बीहा गिरोह का स्व-घोषित प्रमुख गैंगस्टर बुड्डा कत्ल, कत्ल की कोशिश, बलात्कार, गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम एक्ट (यू.ए.पी.ए.) आदि के 15 से अधिक आपराधिक मामलों में कानून का सामना कर रहा था, वह भी हाल ही में अपने खालिस्तान समर्थकीय तत्वों के साथ सम्पर्कों के लिए नोटिस आया था.

बुड्डा को साल 2011 के एक कत्ल केस में दोषी घोषित किया था, परन्तु वह 2016 में पैरोल के दौरान भाग गया था और उसे भगौड़ा करार दिया गया था. पंजाब में अलग- अलग आपराधिक, बलात्कार और गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए जि़म्मेदार बुड्डा के खि़लाफ़ भी हरियाणा के अलग- अलग थानों में केस दर्ज हैं.

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने जानकारी दी कि पंजाब पुलिस उसका पीछा करती रही परन्तु यूएई में उसको काबू करने में असफल रही. डीजीपी के अनुसार आखिर में उसको अरमेनिया में ढूँढ लिया गया, जिसके बाद पंजाब पुलिस को इंटरपोल द्वारा लुक आऊट सर्कुलर (एलओसी) और रैड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) मिला था. 

8 अगस्त, 2019 को अरमेनिया की पुलिस ने बुड्डा को पकड़ लिया था. इसके तुरंत बाद, यूरोप में कुछ खालिस्तान समर्थकीय कार्यकर्ता ने बुड्डा की गिरफ़्तारी संबंधी फेसबुक पर एक अपडेट प्रकाशित किया था दरअसल बुड्डा ने इससे पहले नाभा जेल के अंदर कत्ल किये गए डेरा सच्चा सौदा के एक कार्यकर्ता मनिन्दर पाल बिट्टू के ख़ात्मे के लिए अपने फेसबुक अकाउंट पर जि़म्मेदारी ली थी.

बुड्डा, विक्की गौंडर की मौत के बाद राज्य का सबसे खतरनाक अपराधी के तौर पर बदनाम था. वह अप्रैल 2017 में पंजाबी गायक / अदाकार परमीश वर्मा पर हुए हमले का मुख्य साजिशकर्ता था. वह कथित तौर पर अन्य मशहूर पंजाबी गायकी / अदाकार (मशहूर पंजाबी गायिका / अदाकार गिप्पी गरेवाल समेत) और वट्सएैप पर कारोबारियों से वसूली करने की धमकियों के पीछे भी था.

सुखप्रीत उर्फ बुड्डा के दिशा- निर्देशों पर एक मशहूर पंजाबी गायक करन औजला पर भी कैनेडा में हमला किया गया था. हरकमलप्रीत सिंह खाख, एआईजी काउन्टर इंटेलिजेंस, जालंधर और बिक्रम बराड़, डीएसपी ओसीसीयू के नेतृत्व अधीन एक विशेष पंजाब पुलिस टीम को फरार अपराधी को देश लाने के लिए तालमेल हेतु नियुक्त किया गया था.

बुड्डा के खि़लाफ़ कुछ अन्य मामलों की बात करें तो फरीदकोट के पीएस जैतो में चावल मिल मालिक रवीन्दर कोचर पर ज़बरदस्ती और कत्ल केस में उसे मुलजि़म भी ठहराया गया था. उसके खि़लाफ़ अन्य केस सिरसा (हरियाणा) के साथ-साथ रायकोट (लुधियाना), सरहिन्द (फतेहगढ़ साहिब) और शंबू (पटियाला) में आर्मज़ एक्ट के अधीन शामिल हैं. उसके खि़लाफ़ पटियाला में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत केस भी दर्ज किया गया था.

बुड्डा को भगौड़ा घोषित किया गया था या उसके खि़लाफ़ पीओ की कार्यवाही चल रही थी. कई मामलों में उसे पंजाब लाए जाने पर और पूछताछ होने के बाद और खुलासे होने की उम्मीद की जा रही है.