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जिस खबर का पूरे देश को है बेसब्री से इंतजार, उसके बारे में आई यह अहम सूचना

आमतौर पर मानसून एक जून को केरल में पहुंच जाता है और इसके साथ ही आधिकारिक तौर पर चार महीने के बारिश के मौसम का आगाज होता है.

जिस खबर का पूरे देश को है बेसब्री से इंतजार, उसके बारे में आई यह अहम सूचना
मॉनसून के इंतजार में हैं लोग. फाइल फोटो

नई दिल्ली : देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम और अन्‍य मामलों से इतर लोगों को एक खबर का बेसब्री से इंतजार है. भीषण गर्मी झेल रहे लोग इस समय मॉनसून की राह तक रहे हैं. देश के उत्तर और मध्य क्षेत्र में गर्मी का कहर लगातार जारी है. अधिकांश शहरों में तापमान 50 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है. ऐसे में दक्षिण भारत से एक अच्‍छी खबर आ रही है. मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून आज करीब एक हफ्ते की देरी से केरल में दस्‍तक दे सकता है. 

आमतौर पर मानसून एक जून को केरल में पहुंच जाता है और इसके साथ ही आधिकारिक तौर पर चार महीने के बारिश के मौसम का आगाज होता है. आईएमडी ने मानसून को लेकर बुलेटिन में कहा था, ‘‘उत्तर की तरफ धीरे-धीरे बढ़ने की अनुकूल संभावना के कारण आठ जून के आसपास केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत की उम्मीद है.’’ 


दिल्‍ली में पिछले दिनों हुई थी बारिश. फोटो ANI 

मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने शनिवार को अपने संशोधित अनुमान में चार जून से सात जून के बीच इसके आने की उम्मीद जताई थी. मौसम विभाग ने मानसून के राष्ट्रीय राजधानी में आगमन में दो-तीन दिन की देरी की संभावना जताई है. हालांकि शहर में बारिश के सामान्य रहने का अनुमान है. हालांकि, निजी मौसम पूर्वानुमान संस्था ‘स्कायमेट वैदर’ ने कहा कि मानसून के दिल्ली आने में कम से कम एक सप्ताह का विलंब हो सकता है. मौसम विभाग ने बुधवार को कहा था कि मानसून आने में और देरी हो सकती है तथा यह आठ जून तक ही केरल के तट पर पहुंचेगा.

विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘सामान्य रूप से, मानसून 29 जून तक दिल्ली पहुंचता है. चूंकि इसके दक्षिणी भाग में पहुंचने में देरी हो रही है, इसलिये मानसून के उत्तरपश्चिम भारत तक पहुंचने में दो तीन दिन ज्यादा लग सकते हैं.’’ वहीं गुरुवार को उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हो गए. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार से मंगलवार तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के विदर्भ में ‘भीषण गर्मी’ का प्रकोप जारी रहेगा.

शुक्रवार को मध्यप्रदेश का होशंगाबाद 46.8 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा जबकि राजस्थान में चुरू का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड के कई स्थानों पर हुई हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी. राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी के साथ लू का प्रकोप जारी है. हालांकि प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई.

मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि चूरू में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 46.4, डिग्री, कोटा में 46.1 डिग्री, बीकानेर में 45.8 डिग्री, श्रीगंगानगर में 45.7 डिग्री, जैसलमेर में 45.5 डिग्री, जोधपुर में 45.3 डिग्री, अजमेर में 44.5 डिग्री, डबोक में 44 डिग्री और राजधानी जयपुर में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

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राष्ट्रीय राजधानी में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर के उच्चतम तापमान में गिरावट आयी और यह 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उत्तर प्रदेश के कई स्थानों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई. प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और 57 अन्य घायल हो गए.

प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि मैनपुरी में सबसे अधिक छह, एटा और कासगंज में तीन-तीन, बाराबंकी एवं फर्रुखाबाद में दो-दो लोगों लोगों की मृत्यु हुई है. इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने के चलते मुरादाबाद, बदायूं, पीलीभीत, मथुरा, कन्नौज, संभल और गाजियाबाद में भी एक एक व्यक्ति की मृत्यु हुई.