निजी रंजिश में मां-बेटे की हुई थी हत्या, हिसार कोर्ट ने 16 को उम्रकैद की सजा सुनाई

हत्याकांड में 50 साल की सुगना देवी और उसके बेटे कुलदीप की मौत हो गयी थी. पूरा मामला एक रंजिश से जुड़ा था. बरवाला पुलिस ने 14 मार्च 2014 को इस संबंध में केस दर्ज किया था. गांव बालक के रहने वाले और मृतका के बेटे सुरेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में तीन दर्जन के करीब लोगों को अपने परिजनों की मौत का जिम्मेदार बताया था. 

निजी रंजिश में मां-बेटे की हुई थी हत्या, हिसार कोर्ट ने 16 को उम्रकैद की सजा सुनाई
हिसार कोर्ट ने मर्डर केस में सुनाया फैसला.

हिसार: हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला एरिया के गांव बालक में मां-बेटे पर गोलियां बरसाकर 2014 में किये गए मर्डर मामले में अदालत ने फैसला सुना दिया है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंगल की अदालत ने 16 आरोपियों को उम्रकैद सुनाई है. इसी मामले में सभी पर सवा-सवा लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. मामले में तीन और आरोपियों को बरी कर दिया गया है. 

हत्याकांड में 50 साल की सुगना देवी और उसके बेटे कुलदीप की मौत हो गयी थी. पूरा मामला एक रंजिश से जुड़ा था. बरवाला पुलिस ने 14 मार्च 2014 को इस संबंध में केस दर्ज किया था. गांव बालक के रहने वाले और मृतका के बेटे सुरेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में तीन दर्जन के करीब लोगों को अपने परिजनों की मौत का जिम्मेदार बताया था. 

सुरेंद्र खुद भी इसी प्रकरण में घायल हुआ था. अदालत के फैसले में उसकी गवाही का भी अहम रोल रहा. अदालत ने जिन्हें दोषी करार दिया है, उनमें ईश्वर, सुभाष, राजेंद्र, सुमित, अमित, रमेश कुमार, विजय, अनिल, विरेंद्र सुशील, शमशेर, राजबीर, सतबीर, राकेश और सुशील उर्फ शीलू शामिल है. जबकि बलबीर, वीरेंद्र, इंद्रपाल और निहाल सिंह को अदालत ने बरी कर दिया है. 

ऐसे हुआ था हत्याकांड
सुरेश ने जो पुलिस को बताया था उसके अनुसार सुरेश की बहन का बेटा देवेंद्र उनके पास बालक गांव में रहता था. हत्याकांड से पहले 31 जनवरी, 2014 को उसके भांजे देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर बालक गांव में रहने वाले सोनू का मर्डर कर दिया था. वारदात वाले दिन सुरेश, सुगना देवी और कुलदीप घर मे थे. इसी दौरान 3 दर्जन के करीब हथियारबंद लोग एकाएक उनके घर आये और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें वह घायल हो गया, जबकि उसकी माता और भाई की मौत हो गई.

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