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मुखर्जी नगर मामला: सरबजीत जा चुका है 3 बार जेल, गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट

इस रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाली चीज़ है वो है टेम्पो चालक सरबजीत का हिंसक इतिहास. रिपोर्ट में बताया गया है कि सरबजीत काफी हिंसक प्रवृति का है.

मुखर्जी नगर मामला: सरबजीत जा चुका है 3 बार जेल, गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट
सरबजीत पर 2006, 2011 और 2013 में बुराड़ी, तिमारपुर इलाके में शांति भंग करने के तीन मामले दर्ज हुए.

नई दिल्ली: दिल्ली के मुखर्जी नगर में हुए मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट गृहमंत्रालय को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में पुलिस ने घटना वाले दिन का पूरा विस्तारपूर्वक उल्लेख किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले में दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. मामले में पुलिस मैनुअल को नज़रअंदाज़ करने के आरोप में तीन पुलिस वालों को भी सस्पेंड कर दिया गया है. 

वहीं, इस रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाली चीज़ है वो है टेम्पो चालक सरबजीत का हिंसक इतिहास. रिपोर्ट में बताया गया है कि सरबजीत काफी हिंसक प्रवृति का है. उसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में पहले से ही चार केस दर्ज है और वो तीन बार जेल भी जा चुका है. पुलिस की फाइलों में दर्ज सरबजीत का आपराधिक इतिहास कुछ इस तरह है. 2019 में ही इसने गुरूद्वारे के कर्मचारी से मारपीट की थी. गुस्से में इसने एक सेवादार का हाथ तोड़ दिया था. पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज हुई लेकिन एमएलसी रिपोर्ट ना आने की वजह से इसको थाने से ही ज़मानत मिल गई थी.

वहीं, सरबजीत पर 2006, 2011 और 2013 में बुराड़ी, तिमारपुर इलाके में शांति भंग करने के तीन मामले दर्ज हुए. ऐहतियाती धाराओं (107/151) में ये जेल रहकर आया. इन मुकदमों से पता चलता है कि ये बेहद हिंसक किस्म का इंसान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे ही मुखर्जी नगर में पुलिस से बहस हुई लेकिन जब इसे काबू करने की कोशिश हुई तो इसने बेहद भयंकर तरीके से एक एएसआई के सर पर तलवार से जानलेवा हमला किया. जिससे एएसआई योगराज को  कई टांके आए.

बता दें कि पुलिसकर्मियों ने उसके बाद इसे लाठी-डंडों से पीटा. जिसके बाद वीडियो वायरल हुआ और पुलिस के खिलाफ सिख समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए. समुदाय ने जमकर नारेबाजी, पुलिस पर पथराव और एसीपी की पिटाई तक कर डाली. लोगों के दबाव में पुलिस को सरबजीत को छोड़ना पड़ा लेकिन अब उसके आपराधिक इतिहास को देखने के बाद लोग भी मानने लगे हैं कि सरबजीत ने पुलिस पर हमला आत्मरक्षा के लिए नहीं किया है.