मोदी कैबिनेट ने दिल्‍ली की अवैध कॉलोनियों को किया पास, 78 गावों के शहरीकरण को भी मंजूरी

सरकार की मंजूरी के बाद अब दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोग अपने घरों को रजिस्ट्री करा सकेंगे.

मोदी कैबिनेट ने दिल्‍ली की अवैध कॉलोनियों को किया पास, 78 गावों के शहरीकरण को भी मंजूरी
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : दिल्ली (Delhi) के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) ने दिल्‍ली की अवैध कॉलोनियों (Delhi Unauthorised Colonies) को पास करने संबंधी प्रस्‍ताव को पारित कर दिया है. उधर, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) ने दिल्ली की 1728 अवैध कॉलोनियों को पक्का करने की मंजूरी दे दी है. इसके अलावा राजधानी के 79 गांवों के शहरीकरण को भी मंजूरी दी गई है. केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में पिछले दिनों वादा किया गया था. उपराज्यपाल ने ट्वीट किया कि पीएम-UDAY यानी प्रधानमंत्री अनऑथराइज्ड कॉलोनीज इन दिल्ली आवास अधिकार योजना के तहत इसे मंजूरी दी गई है. सरकार की मंजूरी के बाद अब दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोग अपने घरों को रजिस्ट्री करा सकेंगे.

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम उदय योजना (PM Uday Yojana) के तहत दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों के निवासियों को भू-स्वामित्व का अधिकार देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (रिक्गनेशन ऑफ प्रोपर्टी राइटस इन अनऑथराइज्ड कालोनी) रेग्युलेशन 2019 पास किया है. उपराज्यपाल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम से पीएम उदय योजना के लिए गए निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में दिल्ली की नियमित की गई अनधिकृत कालोनियों के निवासियों को संपत्ति का भू-स्वामित्व प्राप्त हो सकेगा और इन कालोनियों का तेजी से विकास होगा.

दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों के निवासियों को अब उनकी भूमि का मालिकाना हक मिलेगा. उपराज्यपाल ने अनधिकृत कालोनियों में दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामले वापस लेने का निर्देश जारी किए. साथ ही उपराज्यपाल ने दिल्ली के 79 गांवों के शहरीकरण को मंजूरी दे दी. उपराज्‍यपाल बैजल ने कहा कि पीएम उदय योजना से दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के सपने पूरे होंगे.

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अनिल बैजल ने पीएम उदय योजना (पीएम-दिल्ली अनधिकृत कालोनी आवास अधिकार योजना) के तहत दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों के निवासियों को भू-स्वामित्व का हक दिलाने से संबंधी इन प्रस्तावों को मंजूरी दी है...

1. दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम की धारा 81 के सभी मामलों को वापस लेना
2. दिल्ली म्यूनिसिपल कारर्पोशन अधिनियम की धारा 507 के तहत 79 गांवों का शहरीकरण.

भारत सरकार ने इस संबंध में रेग्युलेशन 2019 जारी किया है ताकि इन कालोनियों के निवासियों को उनकी भूमि का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त हो सके. इसके अलावा दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम की धारा 507 के तहत शहरीकृत घोषित की गई ग्रामीण कालोनियों में दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा विकास कार्य योजना तैयार होगी, जिससे स्थानीय नगर निकाय इन कालोनियों में नागरिक एवं मूलभूत सामुदायिक सुविधाएं प्रदान कर सकें. इससे इन कालोनियों का तेजी से विकास होगा.

दरअसल, दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम 1954 की धारा 81 के तहत ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के भू-स्वामियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का प्रावधान था, जिन्होंने निजी कृषि भूमि का उपयोग कृषि कार्य व बागवानी के अतिरिक्त अन्य उद्देश्य के लिए किया हो. उपराज्यपाल के धारा 81 के तहत दर्ज सभी मामलों को वापस लेने के आदेश से इन कालोनियों के निवासियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें किसी कानूनी अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा.

साथ ही अनाधिकृत कालोनियों के नियमितिकरण से दिल्ली की इन कालोनियों का तेजी से विकास होगा और इनके निवासियों को स्पष्ट भू-स्वामित्व प्राप्त होगा. साथ ही इन कालोनियों में सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा सकेंगी. इसके अलावा इन कालोनियों में क्रेडिट लिंक सब्सिडी तथा लोन या मोटगेज का लाभ भी मिलेगा. भूमि पंजीकरण तथा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और धोखाधड़ी और जालसाजी की गुंजाइश नहीं रहेगी तथा सम्पूर्ण इलाके का पुनर्विकास होगा.